बारिश बनी काल: कच्चे मकान की छत ढही, मलबे में दबकर अधेड़ की मौत, बेटा घायल
By Sushil Sharma•9 जुलाई 2026 को 4:44 am बजे•3 min read

हापुड़ के पिलखुवा स्थित सद्दीकपुरा में लगातार बारिश के बीच मकान की छत गिरने से 52 वर्षीय अशफाक की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा घायल हो गया। जानें हादसे की पूरी खबर और बारिश में जर्जर मकानों से जुड़े खतरे।
पिलखुवा (हापुड़)। लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सद्दीकपुरा में गुरुवार तड़के एक पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय पिता-पुत्र घर के अंदर सो रहे थे। मलबे में दबने से 52 वर्षीय अशफाक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका 17 वर्षीय बेटा कासिम घायल हो गया। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई और परिवार में मातम छा गया।

जानकारी के अनुसार, कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की छत और दीवारों में नमी बढ़ गई थी। गुरुवार सुबह अचानक तेज आवाज के साथ छत गिर पड़ी। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। अशफाक को बचाया नहीं जा सका, जबकि घायल कासिम को उपचार के लिए भेजा गया।

बताया जाता है कि अशफाक का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। उनके दोनों बेटे, 17 वर्षीय कासिम और 18 वर्षीय नाजिम मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। परिवार के मुखिया की असमय मौत से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मोहल्ले के लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की।

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश होने पर पुराने और जर्जर मकानों की दीवारों व छतों में पानी समा जाता है। इससे ईंट, गारा और सीमेंट की पकड़ कमजोर पड़ जाती है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई जाए तो छत या दीवार अचानक गिर सकती है। ऐसे मकानों में रहना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।

बारिश के मौसम में सिर्फ मकान गिरने का ही खतरा नहीं रहता, बल्कि दीवार ढहने, जलभराव, बिजली का करंट फैलने, पेड़ों के गिरने और कमजोर भवनों के क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

Roof Collapse During Heavy Rain Kills One, Son Injured in Hapur's Pilkhuwa
Hapur, Uttar Pradesh: Continuous rainfall turned tragic in Pilkhuwa town of Hapur district after the roof of an old house collapsed, killing a 52-year-old man and injuring his teenage son.

The incident occurred in the Siddiqpura locality under Pilkhuwa police station limits in the early hours of Thursday. According to local residents, Ashfaq (52) was sleeping inside the house with his 17-year-old son, Kasim, when the roof suddenly caved in, trapping both under the debris.

Hearing their cries for help, neighbours rushed to the spot and pulled them out from the rubble. Ashfaq succumbed to his injuries, while Kasim sustained injuries and was taken for medical treatment.

Family members said Ashfaq belonged to a financially weak family. His two sons, Kasim (17) and Nazim (18), work as daily wage labourers to support the household. The death of the family's breadwinner has left the family devastated.

Officials and locals believe that continuous rainfall may have weakened the old structure, leading to the collapse. Experts warn that prolonged rain can seep into walls and roofs, reducing the strength of construction materials and increasing the risk of structural failures.

Authorities advise residents living in old or damaged houses to remain cautious during the monsoon season. Cracks in walls, leaking roofs, dampness, or visible structural damage should be treated as warning signs, and such buildings should be vacated immediately to prevent further tragedies.

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