अग्रवाल महासभा चुनाव का बिगुल बजा, विकास और समाज सेवा के वादों के साथ आमने-सामने आए दो पैनल
By Sushil Sharma••5 min read

Sushil Sharma

हापुड़। अग्रवाल महासभा के चुनाव को लेकर शहर का राजनीतिक और सामाजिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। चुनाव की तिथि नजदीक आते ही दोनों प्रमुख गुट महाराजा अग्रसेन चौकड़ायत ग्रुप और अग्रबंधु ग्रुप पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर आए हैं। आगामी अगस्त 6 को होने वाले चुनाव के लिए दोनों पक्षों ने समाज के बीच जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है और अपने-अपने विजन व विकास के एजेंडे को लेकर समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है।

चुनाव को लेकर वैश्य समाज में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। समाज के लोग इसे केवल पदाधिकारियों के चयन का चुनाव नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में अग्रवाल समाज की दिशा और विकास तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर मान रहे हैं।

चुनावी माहौल के बीच समाज के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और संकल्प सामने आए हैं। इनमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव वैश्य समाज के सहयोग से छह माह के भीतर प्रस्तावित महाराजा अग्रसेन धाम के लिए भूमि का बैनामा सभा के नाम कराने का है। इसके अलावा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के पात्र परिवारों तक पहुंचाने, विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन आयोजित कराने तथा समाज के निर्धन परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने की बात कही गई है।

चुनावी एजेंडे में समाज के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने, मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने और विधवा पेंशन को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह कराने के लिए प्रयास करने का भी वादा किया गया है। साथ ही नगर में महाराजा अग्रसेन की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने तथा उनकी जयंती पर विशाल शोभायात्रा और सांस्कृतिक उत्सव आयोजित कराने का संकल्प भी व्यक्त किया गया है।

चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ दोनों गुटों ने अपने समर्थकों से संपर्क तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि इस बार का मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का होगा, क्योंकि दोनों पक्ष समाज के विकास और एकजुटता को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।

प्रधान पद के प्रत्याशी अतुल चौकड़ायत ने कहा कि यह चुनाव किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे अग्रवाल समाज के भविष्य और विकास का चुनाव है। उन्होंने कहा कि यदि समाज उन्हें सेवा का अवसर देता है तो उनकी पहली प्राथमिकता समाज को एक मजबूत और संगठित मंच पर लाना होगी। उन्होंने कहा कि वर्षों से समाज के लोग एक ऐसे स्थायी अग्रसेन धाम की मांग कर रहे हैं, जहां सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित हो सकें। हमारी टीम का संकल्प है कि वैश्य समाज के सहयोग से छह माह के भीतर प्रस्तावित महाराजा अग्रसेन धाम के लिए भूमि का बैनामा अग्रवाल सभा के नाम कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाएगा। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए विशेष सहायता प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए नियमित परिचय सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में अच्छे रिश्तों को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

अतुल चौकड़ायत ने कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की है। इसलिए समाज के उद्योगपतियों और व्यापारियों के सहयोग से युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि समाज की बुजुर्ग एवं विधवा महिलाओं के सम्मान और सहायता के लिए विधवा पेंशन को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह कराने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए नगर में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित कराने तथा प्रत्येक वर्ष महाराजा अग्रसेन जयंती पर विशाल शोभायात्रा और सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने समाज के सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे विकास, पारदर्शिता, एकता और समाज सेवा के संकल्प के साथ उनकी पूरी टीम को अपना आशीर्वाद दें, ताकि अग्रवाल महासभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

Agrawal Mahasabha Election Battle Begins; Maharaja Agrasen Chaukdayat Group and Agrabandhu Group Face Off
Hapur: The election campaign for the Agrawal Mahasabha has officially gained momentum, setting the stage for a direct contest between the Maharaja Agrasen Chaukdayat Group and the Agrabandhu Group. The election is scheduled to be held on June 8, 2026, with both panels intensifying their outreach efforts among members of the Vaishya community.

The election is being viewed as a crucial opportunity to shape the future of the organization and strengthen community welfare initiatives. Both sides are focusing on development-oriented commitments aimed at the social, educational, and economic upliftment of the Vaishya community.

Among the key promises is the registration of the proposed Maharaja Agrasen Dham land in the name of the Mahasabha within six months with the support of the Vaishya community. Other commitments include ensuring eligible families receive the benefits of government welfare schemes, organizing matrimonial introduction conferences for unmarried youths, supporting marriages of economically weaker girls, and creating employment opportunities for unemployed youth within the community.

The agenda also includes honouring meritorious students, advocating for an increase in widow pension from ₹500 to ₹1,000 per month, and installing a grand statue of Maharaja Agrasen in the city. Plans have also been announced to organize a grand procession and cultural celebrations on Maharaja Agrasen Jayanti.

With campaigning gathering pace, both groups are actively reaching out to voters. The election is expected to witness a keen contest, with community development and unity emerging as the central issues.





