हापुड़। अयोध्या में सरयू नदी किनारे स्थापित होने वाली भगवान श्रीराम की 251 मीटर ऊंची तांबे की प्रतिमा हापुड़ के रामपुर की भूमि में गढ़ी जाएगी, जो इसे विश्व में सबसे ऊंचा बनाएगी। इस प्रतिमा का निर्माण स्टेचू ऑफ यूनिटी सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा बनाने वाली कंपनी राम सुतार फाइन आर्ट लिमिटेड, एलएंडटी के साथ मिलकर करेगी। इसके साथ ही कंपनी द्वारा यहां एक म्यूजियम की भी स्थापना की जाएगी। भगवान श्रीराम की यह प्रतिमा भारत की सांस्कृतिक धरोहर को और सशक्त बनाएगी।
अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। लेकिन यहां सरयू नदी के किनारे 251 मीटर की विशालकाय भगवान श्रीराम की प्रतिमा लगाई जानी बाकी है। यह प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। इसकी स्थापना के लिए नदी के किनारे करीब 100 हेक्टेयर भूमि की तलाश की जा रही है। हालांकि प्रतिमा बनाने की जिम्मेदारी विश्वविख्यात शिल्पकार राम वी सुतार की कंपनी को दी गई है। विशालकाय यह प्रतिमा होगी, इसका निर्माण भी उतना ही जटिल होगा।
कंपनी द्वारा हापुड़ ब्लॉक के एनएच- 9 किनारे स्थित रामपुर गांव में करीब 11 एकड़ भूमि खरीदी गई है। इस भूमि पर फिलहाल भवन का निर्माण शुरू कर दिया है। इसके बाद कंपनी विभिन्न भागों में प्रतिमा का निर्माण शुरू कर देगी। इस ऐतिहासिक परियोजना के लिए हापुड़ में निर्माण कार्य किया जाएगा, जो भारत की संस्कृति और विरासत को नई ऊंचाई तक ले जाएगा। इस परियोजना से हापुड़ को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।