बंदर आए दिन किसी न किसी व्यक्ति पर हमला कर उसे घायल कर रहे हैं। पिलखुवा में मंगलवार को रजनी विहार में घर के बाहर खेल रहे मासूम बच्चे पर बंदरों के झुंड ने हमला बोल दिया। जिससे बच्चा घायल हो गया। वहीं तीन दिन पहले एक महिला पर बंदरों ने हमला कर घायल कर दिया था। बंदरों के आतंक से लोग दहशत में रहने को मजबूर है।
शहर में पिछले दिनों बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया था। मोहल्ला सर्वोदय नगर, आर्य नगर, सद्दीकपुरा, रजनी बिहार से टीम ने 70 से अधिक बंदरों को पकड़ा था। इसके बाद बंदरों को पकड़ने के लिए टीम दोबारा नहीं आई है। जिसके बाद बंदरों का आतंक फिर से शुरू हो गया है।
मंगलवार को रजनी विहार निवासी सोनू का छह वर्षीय पुत्र कृष्णा घर से बाहर खेल रहा था, इसी बीच बंदरों के झुंड ने बच्चे पर हमला कर दिया। बच्चे की चीख सुनकर परिजन और पड़ोसियों ने बंदरों को भगाया। वहीं गत शनिवार को मोहल्ला निवासी नितिन शर्मा की पत्नी लिली शर्मा किसी काम से मकान की छत पर गई, जहां पर बंदरों ने हमला कर दिया।
बंदरों का आतंक पुरे शहर में है। बंदरों के आतंक के चलते शहर के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। शहर के किसी भी गली या मेन सड़क पर बंदरों को एक ईमारत से दूसरी ईमारत तक छलांग लगते हुए आसानी से देखा जा सकता है। बंदर लोगों के घरों से सामान उठा ले जाते है।
इतना ही नहीं रास्ते से जा रहे राहगीरों पर भी हमला किए जाने से वाहन चालक गिर रहे है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बंदर घर की छतों पर लगे टीवी की छतरी, पानी की टंकी की आदि को नुकसान पहुंचा रहे है। इतना ही नहीं उत्पाती बंदरों के डर से लोग छतों पर अपने कपड़े या कोई भी सामान नहीं रख पा रहे है। बंदरों की बढ़ती आतंक से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
नगर पालिका परिषद पिलखुवा पालिकाध्यक्ष विभू बंसल- ने बताया की बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। पिछले दिनों 70 से अधिक बंदर पकड़े गए थे, मंगलवार को भी टीम बंदर पकड़ने के कार्य में लगी है। लोगों को जल्द ही बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाएगी।