हापुड़। हापुड़ देहात क्षेत्र धनौरा गांव की रहने वाली युवती रजनी दिनांक 29 अगस्त 2020 लापता हो गई थी, जिसकी गुमशुदी की सूचना रजनी के पिता ने 31 अगस्त 2020 को थाना देहात पुलिस को दी थी।
थाना देहात पुलिस ने रजनी की तलाश तेजी से शुरू कर दी, पुलिस ने लंबे समय तक रजनी की तलाश की मगर गुमशुदा रजनी का कोई सुराग नहीं मिला और रजनी की तलाश पुलिस ने जारी रखी। करीब चार साल पुलिस ने गुमशुदा रजनी की तलाश की मगर रजनी का कोई पता नहीं चला, करीब चार साल बाद 3 जनवरी 2025 को रजनी केस की जांच विद्या पीठ चौकी इंचार्ज गोधन लाल को दी गई।
विद्या पीठ चौकी इंचार्ज गोधन लाल की मेहनत और सूझबूझ ने करीब दस दिनों में गुमशुदा रजनी के गायब होने का राज खोल दिया। जहां चार साल में रजनी का कोई सुराग नहीं मिल सका तो वहीं विद्या पीठ चौकी इंचार्ज गोधन लाल ने केवल दस दिनों में रजनी को खोज कर रजनी के गायब होने का राज खोल कर पिछले चार साल पुराने गुमशुदगी का केस बंद कर दिया।
करीब चार साल पहले रजनी की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को रजनी के पिता ने दी थी और रजनी के बारे में सब कुछ पता होते हुए भी रजनी का पिता पुलिस से सब कुछ छिपा रहा था, वजह क्या थी ? क्योंकि जो आज की तारीख में सच है वो सच चार साल पहले नहीं था और वो सच ये है कि जब रजनी गुमशुदा हुई थी तब रजनी शादीशुदा नहीं थी और आज रजनी शादीशुदा है और दो बच्चों को जन्म भी दे चुकी है और इस सच्चाई की पूरी जानकारी रजनी के पिता को थी मगर रजनी का पिता संपूर्ण जानकारी होते हुए भी जांच के दौरान पुलिस को गुमराह कर रहा था। रजनी की शादी की जानकारी होने के बावजूद भी रजनी का पिता लगातार आए दिन हापुड़ देहात थाने जाता और अपनी बेटी रजनी की तलाश को लेकर पुलिस से गुहार लगाता।
विद्या पीठ चौकी इंचार्ज गोधन लाल ने रजनी के गांव धनौरा से जांच शुरू की जिसके बाद एस आई गोधन लाल को जांच के दौरान पता चला कि रजनी का पिता रजनी का छोचक देने रजनी की ससुराल गया था जिस सूत्र ने पुलिस जांच के दौरान ये सच्चाई बताई उसने ये भी बताया कि मैं भी उस छोचक को देने रजनी के पिता के साथ गया था बस फिर क्या था विद्या पीठ चौकी इंचार्ज गोधन लाल ने सूत्र से रजनी का पता लिया और जिस बुलंदशहर के जिस गांव में रजनी अपनी शादीशुदा जिंदगी व्यतीत कर रही थी उस गांव के प्रधान से मिले और वर्ष 2020 से जो रजनी की गुमशुदगी ढोंग चलता आ रहा था उसका पूरा विवरण ग्राम प्रधान को बताया।
जिसके बाद ग्राम प्रधान और एस आई गोधन लाल रजनी की ससुराल पहुंचे जहां पाया कि रजनी ने शादी कर ली है और रजनी के दो बच्चे भी है। रजनी से एस आई गोधन लाल पूछताछ की तब पता चला कि रजनी प्रेम प्रसंग के चलते अपने प्रेमी के साथ घर छोड़ कर चली गई थी और रजनी ने अपने प्रेमी के साथ शादी कर ली थी।
इस केस की जांच एस आई गोधन लाल पर थी और जांच अधिकारी के लिए इस जांच में एक चुनौती तो ये थी कि रजनी के पिता को सब कुछ पता होने के बावजूद भी पुलिस को गुमराह कर रहा था और दूसरी बड़ी चुनौती ये थी कि रजनी शादी के बाद अपना नाम बदल के रह रही थी जो कि जांच में भूस के ढेर में सुई ढूंढना जैसा था। मगर एस आई गोधन लाल की मेहनत रंग लाई और जो तलाश पिछले चार साल से चल रही थी वो तलाश एस आई गोधन लाल ने केवल दस दिनों में खत्म कर दी और रजनी की गुमशुदगी के राज का पर्दाफाश कर दिया।