हापुड़ में सरकारी अस्पतालों में आने वाले 70 फीसदी मरीजों में विटामिन डी की कमी मिल रही है। इस कारण मरीज हड्डी संबंधी रोगों से ग्रस्त हैं, महिलाओं में सर्वाइकल का भी यही कारण है। पिछले महीने मरीजों में 12 हजार विटामिन डी की टैबलेट बांट दी गई हैं। सर्दी बढ़ने के साथ ही मर्ज बढ़ेगा।
आजकल जवान लोगों की हड्डियां भी कमजोर हो रही हैं। विटामिन डी की कमी से सर्वाइकल और हड्डी का रोग बढ़ा रहा है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले हर दूसरे मरीज को विटामिन डी दी जा रही हैं। हड्डियों की ऐसी हालत पहले बुढ़ापे में होती थी।
सीएचसी हापुड़ के फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि विटामिन डी हमारे खाने से कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाता है। लेकिन खाद्य पदार्थों में इस तत्व की कमी होने के कारण पर्याप्त कैल्शियम नहीं बन पा रहा। ऐसे में मरीज हड्डी संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले 70 फीसदी मरीजों में विटामिन डी कम मिल रहा है। जांच में यह खुलासा हुआ है। सर्वाइकल की समस्या लेकर आने वाली महिला, पुरुषों में भी विटामिन डी की कमी मिली है। कुल मिलाकर जिले के मरीज इस समस्या से ग्रस्त हो चुके हैं, जिससे बाहर निकलने के लिए खाद्य पदार्थों में बदलाव और दिनचर्या में बदलाव करना जरूरी है।
जिले के सरकारी अस्पतालों में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, जिस कारण मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पाता है। मजबूरी में मरीज निजी अस्पतालों में जाकर उपचार कराते हैं। पिछले करीब एक साल से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी है।
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी- ने बताया की खाने में प्रचुर मात्रा में विटामिन, पोषक तत्व नहीं मिलने से शारीरिक कमजोरियों बन रहीं हैं। विटामिन डी शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकारी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।