हापुड़ में वायरल का प्रकोप बढ़ रहा है, मरीज दर्द से कराह रहे है। मौसम ठंडा होने के साथ ही बुखार के साथ सीने में जकड़न व पसलियां दर्द कर रही हैं। निजी और सरकारी अस्पतालों में वायरल से पीड़ित मरीजों की ओपीडी में भीड़ उमड़ रही है। जन आरोग्य मेलों में भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों में निमोनिया का असर है।
दिन में गर्मी व रात में ठंड होने लगी है। इसके कारण अस्पतालों में वायरल के मरीज बढ़ गए हैं। पसलियों में दर्द और सीने में जकड़न संबंधी समस्या भी बढ़ी है। सरकारी अस्पतालों में इस तरह की बीमारियों को लेकर 300 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी में ऐसे मरीजों की भरमार है। फिजिशियन डॉ. प्रदीप मित्तल ने बताया कि सामान्य बुखार में पैरासिटामॉल ले सकते हैं। तेज बुखार, मांसपेशियों-जोड़ों में दर्द है और बुखार ठीक नहीं हो रहा है तो डेंगू की जांच जरूर करवा लें। इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। खांसी और खराश कई दिनों तक परेशान कर रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय ने बताया कि बच्चों में कान दर्द और गले में खराश की समस्या अधिक बढ़ी है। ऐसे बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं। नर्सरी और वार्डों में भर्ती बच्चों में अधिकांश वायरल से पीड़ित हैं। कुछ बच्चों में निमोनिया का असर भी है।