पिलखुवा – मोनाड विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं योग पर चल रही दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल समापन हुआ। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो एन०पी गिरी ओम स्टर्लिंग ग्लोबल यूनिवर्सिटी हिसार हरियाणा, प्रो ओम नारायण तिवारी पतंजलि यूनिवर्सिटी हरिद्वार, डॉ पवन चौहान प्रोग्राम को ऑर्डिनेटर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एनआईओएस नोएडा, डॉ रविकांत तिवारी संयोजक योग विभाग केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रणवीर परिसर जम्मू उपस्थित हुये।
इस संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ एन०के सिंह, कुलपति डॉ मोहम्मद जावेद, उपकुलपति एवं कुलसचिव कर्नल डॉ डी०पी सिंह, उपकुलपति योगेश पाल सिंह, उपकुलपति डॉ जयदीप कुमार एवं उपकुलपति रोहित शर्मा ने समस्त अतिथियों को शॉल पहनाकर व प्लॉट सैंपलिंग देकर स्वागत किया। इस संगोष्ठी में देशभर के विद्वानों,शिक्षाविदों, शोधार्थियों और योगाचार्यों ने भाग लिया और भारतीय ज्ञान परंपरा एवं योग के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा की प्राचीनता, इसकी वैज्ञानिकता और आधुनिक समय में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा की।
योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर विशेष व्याख्यान दिए गए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र जीवनशैली है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति ने समापन सत्र में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और योग का योगदान संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें अपनी प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित कर आधुनिक संदर्भों में उनका उपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर प्रतिभाग करने वाले शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। जिसमें ऑनलाइन के माध्यम से इंदा अरिवंती सहायक प्रोफेसर एकेआई विश्वविद्यालय इंडोनेशिया ने अपना शोध पत्र पढ़ा और अपने शोध के बारे में विस्तार से बताया। विश्वविद्यालय द्वारा समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मंच का सफल संचालन डॉ सुशील कुमार एवं डॉ दीपिका चौहान ने किया। इस कार्यक्रम में स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स के संकायाध्यक्ष डॉ सुनील कुमार श्रीवास एवं विभागाध्यक्ष डॉ० प्रदीप कुमार का विशेष योगदान रहा। विश्वविद्यालय के मानविकी और सामाजिक विज्ञान संकाय की संकायाध्यक्ष डॉ सोमा दास ने संगोष्ठी के सफल समापन के लिये सभी विद्वानों, शोधार्थियों और आयोजन समिति के सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में शोध निदेशक डॉ पंकज कुमार सिंह, डॉ गरिमा गुप्ता, डॉ प्रताप सिंह, डॉ अमित सिंह, डॉ रिचा यादव, डॉ० शिल्पी सिंह, डॉ सौरभी दत्ता, डॉ अमित चौधरी, डॉ अरूण जादोन, डॉ महीप मिश्रा, लोकेन्द्र कुमार, निशू शर्मा, प्रिंसी शर्मा, सुमित कुमार, चेतन्य गुप्ता, मूल राज, अमित कुमार, नेहा रानी, ममता रानी चौधरी, प्रीति तोमर, मीडिया प्रभारी विपुल चौधरी एवं अमित मित्तल आदि के साथ बड़ी संख्या में छात्र भी मौजूद रहे।