हापुड़ में ईद-उल-फितर का त्योहार जिले में हर्षोल्लास और परंपरागत ढंग से मनाया गया। हजारों लोगों ने ईदगाह पर नमाज अदा की। शहर काजी ने लोगों से शांति व सौहार्दपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने की अपील की। हापुड़ में ईदगाह पर स्थान भरने के बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी और लोगों को लौटा दिया। हालांकि इस दौरान ईदगाह की कमेटी के लोगों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। लेकिन पुलिस ने सभी को शांत करा दिया।
ईदगाह पर सुबह 7.45 बजे ईदगाह पर नमाज पढ़ने का समय निर्धारित किया गया था। इसके अलावा शहर की अन्य बड़ी मस्जिदों में भी नमाज की तैयारी की गई थी। शहर काजी मुफ्ती मकसूद आलम ने ईद की नमाज अदा कराई। शहर काजी ने कहा कि हमें आपसी सौहार्द और भाईचारे को कायम करते हुए ईद को मनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से देश में अमन चैन के लिए दुआ करने की अपील की। जामा मस्जिद पर नायब शहर काजी मुफ्ती मोहसीन ने नमाज पढ़ाई। देश में सुख-शांति और खुशहाली की दुआ के लिए हजारों हाथ उठे। एक माह से रोजा रखने वाले अकीदतमंदों को ईद के चांद का दीदार हो गया। ईद की नमाज पढ़ने के बाद लोग एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई दिया।
ईदगाह पर डीएम प्रेरणा शर्मा, एसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी संदीप सिंह, एएसपी राजकुमार अग्रवाल, सीओ वरुण मिश्रा मौजूद रहे। इसके अलावा जामा मस्जिद के इमाम कारी आसिम, कारी आबिद, शाहिद मंसूरी, सैय्यद अयाजुद्दीन, मौलाना अहमद, डॉ. नजमुद्दीन हवारी, हाजी शहीद जड़ौदिया, मो. युनूस, अब्दुल कादिर मौजूद रहे। वहीं गढ़मुक्तेश्वर में एसडीएम साक्षी शर्मा, सीओ आशुतोष शिवम आदि रहे।
यातायात प्रभारी उपदेश यादव ने बताया कि ईदगाह पर हजारों की संख्या में लोगों के नमाज पढ़ने के कारण बुलंदशहर रोड पर भारी वाहनों का आवागमन सुबह से दोपहर तक रोका गया था। नमाज के समय ट्रैफिक को करीब दो घंटा रोक दिया गया। इस दौरान वाहनों को बाईपास से निकलवाया गया। इस दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।