जनपद हापुड़ में गेहूं का भाव आसमान छू रहा है, रिकॉर्ड तेजी के चलते दाम तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गए हैं। स्थानीय फ्लोर मीलों की डिमांड भी अब पूरी नहीं हो रही है।
दूसरे प्रदेशों से भी जबरदस्त डिमांड व्यापारियों को मिल रही है। लेकिन किसानों के भंडार अब खाली हो चुके हैं, फसल से अच्छे मुनाफे की आस में ही दो फीसदी रकबा इस साल बढ़ा है।
मौसम की बेरुखी गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। लेकिन किसान रकबा बढ़ाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। क्योंकि इस साल गेहूं के निजी बाजार में बंपर दाम मिल रहे हैं। एमएसपी से करीब 900 रुपये बाजार में गेहूं बिक रहा है।
अमूमन किसान फसल के समय में ही अपना गेहूं बेच लेते हैं, साथ ही बहुत से किसान नई फसल के आने से दो महीने पहले फरवरी महीने में ही गेहूं की बिक्री करते हैं।
जनवरी के अंतिम दौर में गेहूं के रेट तीन हजार के आंकड़े को छू गए हैं। पिछले साल करीब 41 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की फसल बोयी गई थी। जिले में किसानों ने 26 जनवरी तक भी गेहूं की बुवाई की है।
जिला कृषि अधिकारी-मनोज कुमार ने बताया कि जिले में इस साल गेहूं का रकबा बढ़ा है, उत्पादन भी बढने की उम्मीद है। इन दिनों तापमान को नियंत्रित रखने के लिए किसान समय से फसल की सिंचाई करें। खरपतवारनाशकों का प्रयोग करें, ताकि फसलों का उत्पादन बढ़ाया जा सके।