हापुड़ में इस बार नगर पालिका कांवड़ सेवा शिविर नहीं लग सकेगा। अपने चहेते को टेंडर देने के चक्कर में अधिकारियों ने निविदा में शर्तों को लेकर बड़ा खेल कर दिया। मामले में डीएम से भी शिकायत्त हुई थी। हालांकि, इसे लेकर अधिकारियों ने तकनीकी कारण बताए हैं।
पिछले कुछ सालों से नगर पालिका द्वारा मेरठ रोड पर कांवड़ सेवा शिविर लगाया जा रहा था। इस शिविर पर लगभग 25 लाख रुपये खर्चे होते थे। इस बार शिविर लगाने को लेकर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। अधिकारियों पर अपने चहेते को टेंडर देने के गंभीर आरोप हैं। यहां तक कि टेंडर देने के लिए नियम व शर्तों तक में बड़ा फेरबदल कर दिया गया। इसकी शिकायत डीएम प्रेरणा शर्मा से हुई थी। जिस पर डीएम ने एडीएम संदीप सिंह को जांच भी सौंप थी। जांच में भी प्रथमदृष्टया अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई।
आरोप था कि जिस चहेते ठेकेदार को टेंडर देने की बात थी। उसने टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के एक दिन पहले ही साइट पर सामान तक डालना शुरू कर दिया था। इससे मामले में ई-निविदा टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठे हैं। टेंडर में कमीशन को लेकर एक जनप्रतिनिधि पर भी आरोप लगे थे। मामले में डीएम ने पालिका के अधिकारियों को फटकार लगाई। जिसके बाद इस बार कांवड़ सेवा शिविर न लगाने का निर्णय लिया गया है। नगर पालिका अधिकारियों के कारनामे के कारण इस बार कांवड़ सेवा शिविर नहीं लग सकेगा। हालांकि, इसे लेकर तकनीकी कारण अधिकारियों ने बताए हैं।
ईओ व डिप्टी कलेक्टर मनोज कुमार- ने बताया की कुछ तकनीकी कमियों के कारण टेंडर को निरस्त कर दिया गया है। जिस कारण इस बार कांवड़ सेवा शिविर नहीं लगाया जा सकेगा। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है।