हापुड़ जिले के दोनों चीनी मिलों को दिवालिया घोषित कराने की तैयारी है। दिल्ली की एसबीआई शाखा एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) पहुंच गई है। जिससे गन्ना उत्पादक 90 हजार किसानों की सांसें अटक गई हैं, सत्र 2022-23 का अभी भी मिलों पर किसानों का 321.41 करोड़ रुपये बकाया है। मिलों के पक्ष में किसान उतर आए हैं, शासन तक पत्र भेजे जा रहे हैं।
सिंभावली चीनी मिल के खिलाफ ओरिएंटल बैंक ने सीबीआई में केस दर्ज कराया था, जिसके बाद से इस मिल को कोई बैंक कर्ज नहीं देता है। अब एसबीआई ने भी मिलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बता दें कि हापुड़ जिले के किसान गन्ना की फसल पर ही निर्भर हैं। भले ही चीनी मिल भुगतान में समस्या पैदा करते हैं, लेकिन किसानों पर इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है। ऐसे में यदि चीनी मिल दिवालिया घोषित हो गए तो किसानों के साथ साथ मिल में लगे सैकड़ों कर्मचारियों की जीविका भी अटक जाएगी।
चीनी मिलों ने किसानों के नाम पर बैंक से करीब 395 करोड़ लोन लिया था। इसी लोन को लेकर एसबीआई की दिल्ली शाखा ने एनसीएलटी प्रयागराज में रिट दायर की हुई है।
जिला गन्ना अधिकारी सना आफरीन समय से होगा किसानों का भुगतान जिले के किसानों को गन्ना भुगतान संबंधी समस्या नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए चीनी मिलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य के अनुरूप हर महीने मिलों से भुगतान कराया जाएगा।