हापुड़ में भीषण गर्मी लोगों की सेहत खराब कर रही है। गर्मी से डायरिया और पेट में संक्रमण के मरीज बढ़ रहे है। अस्पतालों की ओपीडी में आने मरीजों में से करीब 30 फीसदी मरीज पेट की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इसके कारण डायरिया और गैस्ट्रोइंटाइटिस के बाद लिवर और गुर्दों को नुकसान हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की डायलिसिस यूनिट में रोजाना 10-12 मरीजों की डायलिसिस हो रही है। पेट दर्द से मरीज कराह रहे हैं, डायरिया से बीमार होने वालों में बच्चों की संख्या अधिक है।
तापमान में वृद्धि के साथ ही लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं। फीजिशियन डॉ. प्रदीप मित्तल ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में 30 फीसदी को पेट संक्रमण की समस्या है। इन रोगियों की आंतों में संक्रमण हो रहा है और डायरिया, खूनी डीसेंटरी व गैस्ट्रोइंटाइटिस की वजह से शरीर में पानी और नमक की कमी हो रही है। व निजी अस्पतालों की इमरजेंसी में ऐसे 20-30 मरीज रोज भर्ती हो रहे हैं। डायरिया के बाद लिवर और किडनी में सूजन की समस्या बढ़ी है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की भरमार है।
इसके अलावा त्वचा रोग, हड्डी रोग और नेत्र रोग के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। नाक और गले का संक्रमण अभी भी मरीजों को सता रहा है। ईएनटी विशेषज्ञों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की भरमार है सुबह से ही ऐसे मरीजों की भीड़ लग जाती है। उधर, चिकित्सक इलाज के साथ-साथ भीषण गर्मी से बचाव के उपाय मरीजों को दे रहे हैं।