हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। दुनिया के दूसरे देशों की तरह भारत में भी बाल मजदूरी नासूर बना हुआ है। बुधवार को प्रशासन की टीम ने बाल श्रम रोकने के लिए अभियान चलाया। एक स्थान के अलावा टीम को कहीं भी बाल श्रम नहीं मिला। टीम ने एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया है।
तहसीलदार सीमा सिंह ने बताया कि श्रम विभाग और बाल संरक्षण विभाग की टीम के साथ क्षेत्र में होने वाले बाल श्रम की रोकथाम के लिए अभियान चलाया गया। टीम ने नगर के मेरठ मार्ग, स्याना मार्ग, शाहपुर रोड, नाजिम कॉलोनी समेत आसपास में स्थित ईंट भट्ठों पर जांच की। उन्होंने बताया कि किसी भी भट्ठे पर बाल श्रमिक नहीं मिले। जानकारी करने पर मालूम हुआ है कि भट्ठे पर काम करने वाले परिवारों के बच्चे वहां पर रहते हैं।
टीम ने सभी संचालकों को सख्त निर्देश दिया कि किसी भी दशा में बाल श्रम नहीं होना चाहिए। बाल मजदूर मिलने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान तहसीलदार ने एक दुकान पर श्रम करते हुए एक बच्चे को देख लिया। जिसे बाल संरक्षण और श्रम विभाग की टीम को सौंप दिया गया है। अभियान के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी उषा वर्मा, एसआई रामपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
कई स्थानों पर छोटे-छोटे बच्चों से कई तरहों के काम करवाए जाते हैं। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। कई बच्चे देश दुनिया में ऐसे हैं जिनका बचपन बाल श्रम ने छीन लिया है। छोटे-छोटे बच्चों से काम करवाना एक अपराध है, परंतु आज ये अपराध इतना अधिक बढ़ गया है कि मानव समाज के लिए कलंक बनता जा रहा है। हमें मिलकर बाल श्रम को रोकना ही होगा।