जनपद हापुड़ के ब्रजघाट में चैत्र माह की सोमवती अमावस्या के पावन पर्व पर आज (सोमवार को) गंगानगरी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए बाहरी प्रांतों से भक्तों का आगमन आरंभ हो चुका है। जिससे तीर्थनगरी में चहल पहल बढ़ने के साथ ही सैकड़ों धर्मशाला, मंदिर और आश्रमों में रंगत दिखाई देने लगी है।
साल की पहली सोमवती अमावस्या आज यानी 8 अप्रैल को मनाई जा रही है। अमावस्या का धार्मिक ग्रंथों हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है, वहीं सोमवार को होने पर इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। पंडित अनिल कौशिक ने बताया कि सोमवती अमावस्या का आगमन सोमवार की सुबह तीन बजकर 21 मिनट पर हो रहा है, जिसका समापन रात 11 बजकर 50 मिनट पर होगा। जिसके चलते पूरे दिन अमावस्या पर स्नान और पूजन का योग है।
उन्होंने बताया कि चैत्र माह की अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण भी है, लेकिन यह भारत में दृश्यमान नहीं होगा। इसलिए ग्रहण का प्रभाव भी यहां नहीं होगा। सोमवती अमावस्या पर स्नान के लिए गंगा में डुबकी लगाने के लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत दूरस्थ जनपदों से भक्त गंगानगरी पहुंचने लगे हैं।
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति को पुण्यफल की प्राप्ति के साथ ही आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सूर्योदय से पहले स्नान करना उत्तम माना जाता है। मान्यता के मुताबिक, सोमवती अमावस्या के दिन विधिवत तरीके से स्नान आदि करने से जातक को श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। वहीं अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान के लिए नहीं जा सकते हैं, तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
आशुतोष शिवम ने बताया कि चैत्र अमावस्या के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को पूरी तरह जाम मुक्त रखने और गंगा भक्तों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराने की सभी व्यवस्था पूरी कर ली गई हैं, नेशनल हाईवे पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़ की तरफ जाने वाले भक्त ब्रजघाट से पलवाड़ा रोड वाया डेहरा कुटी से वैट होकर जाम से बचते हुए हाईवे पर पहुंच सकेंगे।