हापुड़ में सिंभावली चीनी मिल ने पेराई सत्र समाप्त करने का दूसरा नोटिस जारी कर दिया है, इसमें 26 मार्च तक गन्ना खरीद का समय है। जबकि क्षेत्र में अभी गन्ना बचा हुआ है, उम्मीद है कि एक और नोटिस मिल द्वारा जारी किया जाएगा। हालांकि जिले के किसानों को मिलों पर 422 करोड़ रुपये का बकाया है। किसान पेराई सत्र खत्म होने से पहले ही भुगतान की उम्मीद कर रहे थे। वहीं, मिल प्रबंधन और अधिकारी इसी सप्ताह भुगतान करने का दावा कर रहे हैं।
क्षेत्र में किसानों की गन्ना फसल खरीदने की जिम्मेदारी चीनी मिल की होती है। जिले में गन्ने का रकबा पिछले साल के मुकाबले दो फीसदी बढ़ा है। लेकिन गन्ने की सप्लाई मिलों पर घटी है, मार्च खत्म होने से पहले ही चीनी मिलों को बंद करने की नौबत आ गई है। ब्रजनाथपुर चीनी मिल करीब दो सप्ताह पहले ही बंद हो चुका है। ऐसे में किसान सिंभावली मिल पर ही गन्ना सप्लाई कर रहे थे।
लेकिन अब क्षेत्र में गन्ना कम है, जिस कारण क्रय केंद्रों पर सप्लाई कम मिल रही है। सिंभावली मिल प्रबंधन की ओर से दूसरा नोटिस जारी किया गया है, इसमें 26 मार्च तक मिल को चलाने की बात कही गई है। इससे पहले एक और नोटिस मिल द्वारा जारी किया गया था।
अंतिम दौर में कुछ किसानों के खेतों में गन्ना अवशेष है, जिस कारण नोटिस जारी होने से उनमें खलबली है। हालांकि गन्ना विभाग की डीसीओ का दावा है कि जब तक किसान गन्ना सप्लाई कर रहे हैं, तब तक मिल चलेगा। हालांकि उम्मीद यह है कि दो से तीन दिन अधिकतम गन्ने की खरीद हो।
जिला गन्ना अधिकारी सना आफरीन खान- ने बताया की सिंभावली मिल द्वारा दूसरा नोटिस जारी किया गया है, लेकिन किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। जब तक किसानों के पास गन्ना है, मिल चलेगा। इसी सप्ताह भुगतान भी कराया जाएगा।