हापुड़। सिंभावली और ब्रजनाधपुर चीनी मिल के गोदाम से करीब 85 हजार क्विंटल चीनी बाजार मूल्य से करीब 200 रुपये क्विंटल कम दाम पर बेचने का मामला फिर से तूल पकड़ रहा है। किसानों ने पांच साल में वर्षवार नमीयुक्त चीनी का ब्योरा मांगा था। लेकिन मिल के प्रशासनिक अधिकारी ने पत्र के माध्यम से किसानों को संतुष्ट होने का हवाला दिया है। इस पत्र के बाद किसानों ने मिल प्रबंधक पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
चीनी मिल की तरफ से प्रशासनिक अधिकारी दिनेश शर्मा ने जारी पत्र में कहा है कि नोएडा स्थित कॉरपोरेट कार्यालय में आईआरपी अनुराग गोयल, मुख्य संचालक अधिकारी एसएन मिश्र, मुख्य वित्त अधिकारी डीसी पोपली, महा प्रबंधक कॉमर्शियल अतुल शर्मा के साथ भाकियू जिलाध्यक्ष पवन हुण ने साथियों सहित मुलाकात की थी। इसमें उनके द्वारा चीनी बिक्री के संबंध में प्रश्न उठाए थे, जिसकी स्थिति से उन्हें अवगत करा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि भाकियू जिलाध्यक्ष की सभी शंकाओं का समाधान किया गया। यह पत्र जन सूचना विभाग को भी भेजा गया।
भाकियू जिलाध्यक्ष समेत पदाधिकारियों ने मिल प्रबंधन पर सही जानकारी देने के बजाए गुमराह करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि वह मिल की किसी बात से संतुष्ट नहीं हैं। बल्कि पांच साल में वर्षवार कितनी चीनी नमीयुक्त हुई है, इसकी जानकारी मांगी गई थी। क्योंकि वर्तमान वित्त वर्ष में करीब 85 हजार क्विंटल चीनी नमीयुक्त बताकर बाजार भाव से 200 रुपये क्विंटल कम दाम पर बेची गई है।
मिल प्रबंधन इसकी जानकारी देने से बच रहा है। बैठक में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। किसानों ने मिल प्रबंधक पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिलाध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक पवन हूण- ने बताया की चीनी बेचने का सही जवाब मिल को देना होगा, पांच साल में हर हर साल कितनी चीनी नमीयुक्त हुई। हमने यह जानकारी मांगी थी, जो मिल ने नहीं दी। कमेटी के बारे में भी कुछ नहीं बताया। मिल प्रबंधन गुमराह कर रहा है, अब आंदोलन की तैयारी होगी।