हापुड़ में श्रीपंचायती गोशाला की अल्लीपुर मुगलपुर स्थित पौने सात हजार गज भूमि पर केंचुआ खाद बनाने के लिए यूनिट तैयार कराई गयी है। जिससे गोशाला को हर साल करीब 35 से 40 लाख रुपये की आय प्राप्त होगी। इस धनराशि से गोशाला के संसाधनों में इजाफा होगा, कई अन्य कार्य भी जल्द शुरू होंगे।
पंचायती गौशालाओं को वर्मी कंपोस्ट से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किये जा रहे है। हापुड़ स्थित पक्का बाग और जरौठी रोड पर श्रीपंचायती गोशाला हैं। जिनमें वर्तमान में करीब 2030 गोवंश संरक्षित हैं। गोवंशों के भरण पोषण के लिए समिति द्वारा लगातार प्रयास किए जाते हैं। भूसा गोदाम, संरक्षण के अन्य संसाधन भी गोशालाओं में जुटाए गए हैं।
पिछले दिनों अल्लीपुर मुगलपुर में श्रीपंचायती गोशाला के नाम पौने सात हजार गज जमीन खरीदी गई थी। समिति के पदाधिकारियों ने इस भूमि को गोशाला की आय बढ़ाने के रूम में इस्तेमाल किया है। भूमि पर केंचुआ खाद बनाने की यूनिट स्थापित कराई गई हैं। 35 हजार फुट टीन शेड भी तैयार कराया जा रहा है। इस यूनिट से बड़े पैमाने पर वर्मी कंपोस्ट तैयार होगा। जिसका प्रयोग खेतों में होगा, फसलों की अच्छी बढ़वार में वर्मी कंपोस्ट का काफी लाभ है।
गोशाला से किसान व व्यापारियों को खाद बेचा जाएगा। समिति को इस यूनिट से हर साल गोशाला में 35 से 40 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। बता दें कि गौशाला में गोवंशों के गोबर के डंडे भी बनाए जा रहे हैं, जिनका प्रयोग अंतिम संस्कार के समय सुलभता से होता है। गोशाला की यह पहल काफी सराही जा रही है।
श्री पंचायती गौशाला मंत्री सुरेश कुमार गुप्ता- ने बताया की अल्लीपुर मुगलपुर स्थित गोशाला की भूमि पर केचुआ खाद यूनिट लगाई गई है। इसमें हर महीने 100 टन खाद तैयार होगा। इस पैसे से गौशाला के संसाधनों में बढ़ोतरी होगी। कई अन्य प्रोजेक्ट भी देखें जा रहे हैं।