Raksha Bandhan 2024: भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डोर में बांधता है, इस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बन्धन बांधती है, जिसे राखी कहते हैं। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन 19 अगस्त को मनाया जाएगा। लेकिन इस दिन भद्रा का साया रहेगा, दोपहर 1.32 बजे भद्रा हटने के बाद ही बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखियां बांध सकेंगी।
दिल्ली रोड स्थित गाय वाला मंदिर में मंगलवार को भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा की बैठक हुई। भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा ने बैठक में शुभ मुहूर्त पर विचार विमर्श किया। महासभा के अध्यक्ष केसी पांडेय ने कहा कि 19 अगस्त को दोपहर 1.32 तक भद्रा है। निर्णय सिंधु व अन्य धर्मग्रंथों में भद्रा के समय में रक्षासूत्र बांधना निषेध बताया गया है। इसलिए भद्रा समाप्ति के बाद दोपहर 1.32 बजे के बाद से बहने भाई की कलाई में राखी बांधे। इससे भाई व बहन दोनों को यश, कीर्ति, आयु व समृद्धि प्राप्त होगा। दोपहर 1.32 बजे से रात्रि 11.55 बजे तक राखी बांधने के लिए उचित है। दोपहर 2 बजे से शाम 6.53 बजे तक विशेष शुभ समय है। विधि विधान से पूजा करने के बाद बहनें राखी बांध सकती हैं।
पंडित नंद किशोर वाजपेयी व प्रवक्ता अजय शर्मा ने कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी व्रत पर्व 26 अगस्त सोमवार को मनाया जाएगा। भाद्रपद की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि 26 अगस्त सुबह 3.39 बजे से देर रात्रि 2.20 बजे तक है तथा शाम को 3.55 से रोहिणी नक्षत्र भी लग जाएगा। धर्मग्रंथों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। 26 अंगस्त की मध्य रात्रि में दोनों ही प्राप्त है, जिससे शुभ योग के साथ सर्वार्थसिद्धि योग होने से और भी उत्तम फल देने वाला है। 27 अगस्त को नंदोत्सव मनाया जाएगा।