जनपद हापुड़ में पिछले तीन दिनों में रुक-रुककर हुई बरसात ने लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। अब तक की बारिश ने जिले की करीब 350 किलोमीटर की सड़कों को क्षतिग्रस्त किया है। यह जर्जर सड़कें शहर से लेकर गांवों और मुख्य मार्गों पर हैं। इन जर्जर टूटी सड़कों से होकर गुजर रहे लोग, गिरकर घायल हो रहे हैं। बरसात के कारण लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका की करीब छह करोड़ से अधिक की सड़कों को मरम्मत की जरूरत पड़ गई है।
जुलाई और अगस्त माह में हुई बरसात के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़कों को लेकर सर्व किया था। उस समय जिले में लोक निर्माण विभाग 292 किलोमीटर सड़क जर्जर मिली थीं। इन क्षतिग्रस्त सड़कों को चिह्नित कर इनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब सितंबर माह में 11 तारीख से फिर से रुक-रुककर बरसात हो रही है। इस बरसात के कारण सीमेंट और डामर वाली सड़कों को सबसे अधिक नुकसान पहुंच रहा है।
वाहनों के संचालन के कारण सड़कें उखड़ रही हैं। इससे कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे भी हो गए हैं। शहर से लेकर गांवों तक करीब 30 से अधिक मुख्य मार्ग भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन मार्गों से हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इन जर्जर सड़कों के कारण रात्रि में गिरकर लोग घायल हो रहे हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
बारिश में जिले की सड़कें जगह जगह गड्डे में तब्दील हो गई हैं। सड़क की ऊपर की लेयर हटने के कारण वाहन फिसल भी रहे हैं। जिस कारण कई लोग घायल भी हो चुके हैं। साथ ही गड्ढों में अचानक वाहन के जाने से वाहन को भी नुकसान पहुंच रहा है।
लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता नरेश कुमार- ने बताया की बरसात के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का अगस्त में सर्वे कराया था। इसकी मरम्मत का प्रस्ताव शासन को पहले ही भेज चुके हैं। अब फिर से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव भी जल्द शासन को भेजेंगे।