हापुड़ में भीषण गर्मी में ऊर्जा निगम के प्रस्तावित शटडाउन पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ आपात कार्यों के लिए ही अब शटडाउन लिया जा सकेगा। जबरदस्त फाल्ट, ट्रिपिंग, ओवर लोडिंग की समस्या पर यह निर्णय लिया गया है। वहीं, औद्योगिक फीडरों को निर्बाध सप्लाई के लिए इन्हें बिजनेस प्लान में शामिल करने के निर्देश मिले हैं।
औद्योगिक फीडर/प्रतिष्ठानों को निर्बाध सप्लाई देने और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए इन फीडरों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
जिले में विद्युतीकरण के लिए रिवैंप और बिजनेस प्लान चल रहे हैं। वैसे तो 20 करोड़ के बिजनेस प्लान में 30 अप्रैल तक ही कार्य पूरे किए जाने थे। लेकिन अव्यवस्था के कारण यह अब तक चल रहा है। आए दिन पूरे बिजलीघर को ही लाइन, वीसीबी बदलने के कारण बंद कर दिया जाता है।
पिछले तीन दिन से हापुड़ में बिजली व्यवस्था चौपट है। बिजलीघरों की महत्वपूर्ण मशीनें लोड नहीं झेल पा रहीं। इसका कारण लो वोल्टेज और बिजली की बढ़ती मांग है। एक्सईएन पंकज कुमार ने बताया कि वोल्टेज घटने से करंट बढ़ जाता है, जो कंडक्टर पर दबाव बनाता है। यही कारण है कि फाल्ट अधिक बढ़ रहे हैं।
हापुड़ की बदहाल बिजली व्यवस्था का संज्ञान उच्चाधिकारियों ने लिया है। साथ ही आदेश दिए हैं कि जब तक भीषण गर्मी का प्रकोप है, जिले में कोई भी प्रस्तावित शटडाउन न लिया जाए। ऐसे में तार और वीसीबी बदलने समेत अन्य कार्यों पर रोक रहेगी। हालांकि आपात स्थिति से निपटने के लिए शटडाउन लिया जा सकेगा।
अधिशासी अभियंता पंकज कुमार- ने बताया की गर्मी में निर्बाध सप्लाई देने के आदेश हैं। इसके लिए प्रस्तावित शटडाउन पर रोक लगा दी गई है। आपात समय में ही फिलहाल शट डाउन लिया जा सकेगा। फाल्ट तत्काल दुरुस्त करने के आदेश हैं।