हापुड़ में जल निगम ने अगले पांच साल के लिए 110 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया है। शहर की तीन लाख की आबादी को बेहतर पेयजल आपूर्ति मिले, इसके लिए अमृत योजना 2.0 की हापुड़ वाटर सप्लाई स्कीम के तहत काम होगा। पानी की बर्बादी रोकने के लिए प्रेशर बढ़ाया जाएगा। बिजली बिल की तरह पानी का बिल आएगा। जल निगम नगरीय के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट व डीपीआर बनाकर शासन को भेजा है।
शहर में चार मंजिला भवनों तक बिना किसी सबमर्सिबल के पानी का प्रेशर पहुंचेगा। इसके लिए ओवरहेड टैंक (पानी की टंकी) और बूस्टर पंप भी लगाए जाएंगे। नगर पालिका में करीब 53 हजार आवासीय व व्यावसायिक भवन दर्ज हैं। वर्तमान में लोग कई-कई मंजिल के भवनों का निर्माण कर रहे हैं। इन भवनों की ऊंचाई अधिक है और शहर में पेयजल का सिस्टम 30 साल से अधिक पुराना है।
इसके चलते पानी का प्रेशर इतनी ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाता है। इन ऊंचे भवनों पर रखी टंकियों में पानी पहुंचाने के लिए लोगों ने सबमर्सिबल लगा लिए हैं। बहुत से लोगों ने कई हार्स पॉवर की मोटर लगा लिए हैं। इस कारण पानी की बर्बादी हो रही है। इस योजना के तहत काम होगा। योजना के तहत पहले चरण की डीपीआर को स्वीकृति मिल चुकी है, योजना के प्रथम चरण में 30 करोड़ रुपये से काम होगा। शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज चुके हैं।
जल निगम नगरीय अधिशासी अभियंता अमीरुल हसन- ने बताया की पानी की बर्बादी रोकने के लिए प्रेशर बढ़ाया जा रहा है। जनवरी या फरवरी में इसकी स्वीकृति मिल सकती है। बिजली की तरह पानी का बिल आएगा। अगले पांच साल की तैयारी करके चल रहे हैं।