हापुड़ में नगर पालिका के कई नलकूपों से रोजाना बिना क्लोरीन के लाखों लीटर पेयजल की आपूर्ति हो रही है। यहां तक कि कई नलकूपों से डोजर और क्लोरीन के टैंक तक गायब हैं। दूषित पानी का सेवन करने के कारण लोग पेट में इंफेक्शन की बीमारियों से जूझ रहे हैं। जबकि, नगर पालिका हर साल क्लोरीन की आपूर्ति पर करीब आठ लाख रुपये खर्च करती है।
शहर में पालिका के नलकूप पर रखे डोजर से क्लोरीन गायब है और कुछ ट्यूबवेल पर तो पंप हाउस ही नहीं है। जिसके कारण जमीन से निकल रहे पानी के साथ क्लोरीन नहीं मिल पा रहा है। इस कारण घरों तक अशुद्ध पानी की आपूर्ति हो रही है।
शहर के कई इलाकों का यह हाल है। पानी में क्लोरीन न मिलने से लोग पेट संबंधी और अन्य रोगों से ग्रस्त हो रहे हैं। यहां तक कि कलक्टर गंज, फ्री गंज रोड पर तो जमीन से निकालकर पानी सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसा नहीं कि लोगों ने दूषित पेयजल को लेकर हंगामा व प्रदर्शन न किया हो। वहीं, कई बार नगर पालिका के अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन अधिकारियों ने कई ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों की इस लापरवाही से लोगों में रोष व्याप्त है।
शहर के हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए नगर पालिका हर साल आठ लाख रुपये खर्च कर रही है। इसके बाबजूद भी लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, कुछ नलकूपों पर स्थिति जरूर बेहतर दिखती है। जहां पानी की आपूर्ति क्लोरीन से हो रही है, लेकिन यहां कर्मचारी मौके से गायब रहते हैं।
अधिशासी अधिकारी इंद्रपाल सिंह- ने बताया की जलकल विभाग के सहायक अभियंता और लिपिक को क्लोरीन की आपूर्ति कराने के निर्देश दिए हैं। 12 खराब डोजर की सही करा दिया गया है। अन्य पांच डोजर के लिए सामान की आपूर्ति कराई जा रही है। सामान मिलने के बाद इन्हें ठीक कराया जाएगा।