हापुड़। आंखों की समस्याओं में लोगों को मोतियाबिंद की शिकायत है, जिससे उनकी नजर धुंधली होती जाती है। ऐसे में मरीज गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने पहुंच रहे है, लेकिन मरीजों को टरकाया जा रहा है। क्योंकि अस्पताल में ऑपरेशन का सामान और लैंस ही नहीं है, जबकि नेत्र रोग विशेषज्ञ ओपीडी में नियुक्त हैं, हर रोज पांच से सात मरीज मोतियाबिंद की समस्या लेकर आ रहे हैं।
आंखों के ऑपरेशन के लिए मरीज फरवरी, मार्च का महीना अच्छा मानते हैं। क्योंकि इसमें तापमान स्थिर रहता है और पसीना नहीं आता। यही कारण है कि सरकारी अस्पतालों में नेत्र रोगियों की संख्या बढ़ी है।
हापुड़ सीएचसी में हर रोज 60 से अधिक मरीज आंखों की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें पांच से सात मरीज ऑपरेशन कराने आते हैं। कुछ महीने पहले तक अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन की सुविधा थी, लेकिन नेत्र रोग विशेषज्ञ के स्थानांतरण होने के बाद सामान वापस भेज दिया गया।
अब करीब 15 दिन पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ सीएचसी में नियुक्त हो चुके हैं, लेकिन ऑपरेशन थियेटर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए आवश्यक सामान और लैंस भी नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को जिला अस्पताल जाने को कह दिया जाता है। बहुत से मरीज परेशान होकर निजी अस्पतालों में भी पहुंच रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. महेश- ने बताया की नेत्र रोग विशेषज्ञ के नहीं होने पर ऑपरेशन संबंधी सामान जिला अस्पताल भेज दिया गया था। अब फिर से सामान की डिमांड भेजी है। जल्द ही सीएचसी में नेत्र रोगियों के ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे।