जनपद हापुड़ में रोडवेज बसों में किराया तो बढ़ा लेकिन, सुविधाओं की कोई सुध नहीं ली जा रही है। ऐसे में यात्रियों को पूरा किराया चुकाने के बाद भी खस्ताहाल बसों में सफर कर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज डिपो में 96 निगम व 10 अनुबंधित बसें हैं। परिवहन निगम की बसों में लोग यात्रा को सुरक्षित मानते हैं और डग्गामार वाहनों की तुलना में रोडवेज बसों में सफर करना पसंद करते हैं लेकिन, यात्रियों को बसों में सुविधाएं नहीं मिलती। तीन माह पूर्व बसों का किराया तो बढ़ाया, लेकिन सुविधाओं को कोई सुध नहीं ली जा रही है।
रोडवेज बसों की दुर्दशा बरकरार है। यात्री जर्जर व कटी-फटी सीटों पर लंबी दूरी की यात्रा करने को विवश हैं। इसे लेकर यात्रियों में खासी नाराजगी बनी रहती है। यात्रियों का कहना रहता है कि किराया तो पूरा लिया जाता है, लेकिन सुविधा के नाम पर शून्य रहता है।
डिपो से संचलित होने वाली अनेक बसों की सीटें बैठने लायक नहीं है। कोई सीट फट चुकी हैं तो कोई सफाई न होने के कारण गंदी हैं। अनेक बसों के शीशे टूटे पड़े हैं तो किसी बस के रिफ्लेक्टर गायब हैं। साथ ही बसों से फर्स्ट ऐड बॉक्स व अग्निश्मन यंत्र भी गायब हैं। रोजाना लाखों की कमाई करने वाले डिपो से यात्रियों की सुविधाओं के लिए ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
यात्रियों का कहना है कि विभाग द्वारा किराया तो पूरा वसूला जाता है, लेकिन सुविधाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। एआरएम संदीप कुमार नायक का कहना है कि टीम का गठन कर बसों की स्थिति की जांचने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।