हापुड़। मेरठ-गढ़ हाईवे-709ए के चौड़ीकरण के कार्य में ढिलाई का नतीजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कार्य की सुस्त गति हाईवे निर्माण काफी पिछड़ गया है। कार्य तेजी से न होने का खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। धरातल पर अभी तक इसका निर्माण मात्र 50 प्रतिशत ही पूरा हो सकेगा। काम की धीमी रफ्तार से हाईवे निर्माण का लक्ष्य भी पिछड़ रहा है। अब इसका निर्माण अगले साल तक ही पूरा हो सकेगा।
कुल 50.18 किलोमीटर लंबे मेरठ- गढ़ हाईवे का चौड़ीकरण 955 करोड़ से टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के द्वारा किया जा रहा है। हाईवे पर गढ़ से मेरठ के बीच कुल लंबाई में 32 किलोमीटर क्षेत्र में पुरानी सड़क का ही जीर्णोद्धार किया जाएगा। जबकि 18 किलोमीटर सड़क बाईपास के रूप में नई बनाई जा रही है।
हाईवे के 18 किलोमीटर क्षेत्र में नई भूमि का अधिग्रहण करके कार्य किया जा रह है। इनमें दो बाईपास मेरठ के पास हैं जो इस मार्ग को दूसरे मार्गों से जोड़ेंगे।जबकि दो बाईपास मेरठ के गांव हसनपुर और किठौर-शाहजहांपुर से गुजरेंगे।
लेकिन पिछले एक साल से इस हाईवे का निर्माण बड़ी सुस्ती के साथ चल रहा है। बनाए जा रहे पुलों और बाईपास का निर्माण पिछले छह महीने से जस की तस स्थिति में है। हाईवे की निर्माण गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो सड़क नई बनाई गई थी, अब उसमें भी गड्ढे होने लगे हैं। लोगों के लिए भी जगह जगह डायवर्जन परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हसनपुर और किठौर बाईपास पर तेजी से कार्य चला था। यहां दो फ्लाईओवर का भी निर्माण हो रहा है। मेरठ-गढ़ हाईवे-709ए के चौड़ीकरण का कार्य जल्द पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक मात्र 50 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है।
पीडी एनएचएआई राजकुमार- ने बताया की हाईवे का चौड़ीकरण निर्धारित अवधि में पूरा हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्य को समय से पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित कर दिया गया है। अगले वर्ष जुलाई तक निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।