हापुड़ के सरकारी अस्पतालों में इस साल सिर्फ 9 हजार महिलाओं का ही प्रसव हो सका है, जबकि जिले की कुल 34 हजार प्रसव का लक्ष्य मिला, जिसमें 17 हजार सरकारी और उतने ही निजी अस्पतालों में किए जाने शामिल हैं। स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने इस पर अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही जननी सुरक्षा योजना का शत प्रतिशत भुगतान कराने के निर्देश दिए।
दरअसल, जच्चा बच्चा मृत्यु दर रोकने के लिए अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने पर जोर है। सरकारी अस्पतालों में इस साल अभी तक सिर्फ 9 हजार महिलाओं के ही प्रसव कराए गए। मंगलवार को डीएम की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इस लापरवाही पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए, स्टाफ नर्स व अन्य कर्मियों की लक्ष्य देने के निर्देश दिए, सभी व्यवस्था सही रहने की चेतावनी भी दी। ताकि सरकारी अस्पतालों में प्रसव बढ़ सकें।
डीएम प्रेरणा शर्मा ने कहा कि टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग कर समस्त संदिग्ध मरीजों की जांच कराएं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने वाले मरीजों का उपचार शुरू कराएं। साथ ही हर मरीज का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराएं। मरीजों को गोद दिलाने के लिए भी संस्थाओं से संपर्क करते रहें।
जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का भुगतान शत प्रतिशत कराया जाए। पोर्टल पर समय से रिपोर्ट अपलोड ना करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की चेतावनी दी। इस मौके पर सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी, सीएमएस डॉ. प्रदीप मित्तल समेत अधिकारी मौजूद रहे।