हापुड़ में गर्मी में अग्निकांड की घटनाओं के बढ़ने के बाद भी अधिकारी सबक लेने को तैयार नहीं है। जिले में 200 से अधिक होटल संचालित हैं, लेकिन मात्र 25 होटलों को ही अग्निशमन विभाग की एनओसी है। वहीं दो हजार से अधिक फैक्टरियां मानकों के विरुद्ध चल रही हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने 50 से अधिक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
होटल, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, फैक्टरी आदि बड़े प्रतिष्ठान का निर्माण करते समय आग से बचाव के इंतजाम का उचित प्रबंधन किया जाता है, जिसके बाद अग्निशमन विभाग से मानक पूरा करने पर अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मिलता है। अग्निशमन विभाग समय समय पर निरीक्षण आग से बचाव के इंतजाम देखता है और प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। लेकिन इस खानापूर्ति के बाद आगे की कार्यवाही नहीं होती। अग्निशमन विभाग की कार्यवाही भी नोटिस तक सिमटकर रह जाती है।
अधिकारियों की लापरवाही के चलते अधिकांश प्रतिष्ठान बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं और उनमें आग से बचने के उपकरण व संसाधान भी उपलब्ध नहीं है। जिलेभर में छोटे बड़े करीब 200 होटल, रेस्टोरेंट संचालित हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 25 स्वामियों ने ही फायर विभाग से एनओसी प्राप्त की हुई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा का कहना है 50 से अधिक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।