हापुड़ के मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिले में अवैध रूप से संचालित ऑटो व ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान शुरू हुआ। दो दिन में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने 104 ई-रिक्शा और ऑटो सीज किए हैं। जिले में करीब एक माह तक अभियान चलाया जाएगा। जबकि, अब तक कागजों में ही रूट निर्धारित कर इनका संचालन हो रहा है।
जिले के उपसंभागीय कार्यालय में करीब 5400 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनके ऊपर करीब दो करोड़ रुपये का टैक्स भी बकाया है। इसके अलावा एक हजार से अधिक ई-रिक्शा बिना किसी पंजीकरण के अवैध रूप से चल रहे हैं। इन ई-रिक्शा को यातायात पुलिस ने किसी रूट का निर्धारण भी नहीं किया है। यही हाल अन्य जिलों का भी है।
ऐसे में मुख्यमंत्री ने अवैध रूप से संचालित इन वाहनों पर कार्यवाही के आदेश दिए। उत्तर प्रदेश में अवैध ई-रिक्शा और ऑटो पर शिकंजा कसने की तैयारी है। प्रदेशभर में 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलेगा।
मंगलवार से जिले में यह अभियान शुरू हुआ, जिसमें दो दिन में एआरटीओ प्रवर्तन रमेश चौबे, पीटीओ आशुतोष उपाध्याय और यातायात निरीक्षक छविराम ने 104 वाहनों को सीज और कुछ वाहनों के चालान काटे गए। यह कार्यवाही मेरठ रोड तिराहा, दिल्ली रोड, रामलीला मैदान के बाहर और तहसील चौपला पर की गई।
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे- ने बताया की मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभियान चल रहा है, जो अगले एक माह तक चलेगा। दो दिनों में 104 ई-रिक्शा और ऑटो पर कार्यवाही की गई है। ई-रिक्शा के संचालन के लिए रूट निर्धारण किया जा रहा है। निर्धारित रूटों पर ही इनका संचालन होगा।