जनपद हापुड़ में बिना फिटनेस के स्कूली वाहनों का धड़ल्ले से संचालन चल हो रहा है। डीएम की सख्ती के बाद अब परिवहन विभाग ने 80 वाहन स्वामियों को नोटिस दिया है। जनपद में इन वाहनों का संचालन मिलने पर जुर्माने के साथ सीज करने की कार्यवाही की जाएगी।
स्कूलों द्वारा अभिभावकों से ट्रांसपोर्ट फीस के नाम पर मोटी रकम ली जाती है, लेकिन स्कूल संचालक बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना फिटनेस वाले वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजा जा रहा है। बिना फिटनेस के स्कूली वाहन बेखौफ जिले की सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों के जीवन को खतरे डाला जा रहा है।
बता दें कि जिले में 543 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, इनमें से 14 वाहनों के पास फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं है। इसके अलावा 64 वाहन ऐसे हैं, जो 10 और 15 साल से अधिक पुराने हैं। इन वाहनों को फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो सकता है। इसके बाद भी इन वाहनों का संचालन हो रहा है। जबकि, यह वाहन जिले से बाहर जाने चाहिएं या फिर सीज की कार्रवाई होनी चाहिए। जिला सड़क सुरक्षा की बैठक में डीएम प्रेरणा शर्मा की फटकार के बाद अब अधिकारियों ने नोटिस जारी किया है।
स्कूलों की यह लापरवाही बच्चों की जान ले सकती है, लेकिन स्कूल संचालक वाहनों की फिटनेस को लेकर गंभीर नहीं है। इन स्कूली वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निश्मन यंत्र आदि की सुविधा तक नहीं है। फिर भी नौनिहालों की जिंदगी के साथ लगातार खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश चौबे- ने बताया की बिना फिटनेस वाले 80 वाहनों को नोटिस भेजा गया है। एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन न करने वाले वाहनों को सीज किया जाएगा, इसके लिए प्रवर्तन की कार्यवाही जारी है।