हापुड़ जिले में किताब की दुकानों पर एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिल रही हैं। अंग्रेजी, गणित, हिंदी विज्ञान, समेत महत्वपूर्ण किताबें ही खत्म हो गई हैं। छात्रों को 28 या 29 अप्रैल तक का समय दिया जा रहा है। ऐसे में छात्र काफी परेशान हैं।
एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारी एनसीईआरटी की किताबों को ही कोर्स में शामिल करने का आदेश दे रहे हैं। लेकिन इनकी उपलब्धता को लेकर अधिकारी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे। एनसीईआरटी की किताबें बाजार में नहीं मिल रहीं है। जिले में पिछले एक सप्ताह से एनसीईआरटी की किताबों की भारी कमी है। विद्यार्थी और अभिभावक आए दिन परेशान हो रहे है।
प्राइवेट स्कूल पहले ही निजी प्रकाशनों का पाठ्यक्रम छात्रों को दिला चुके हैं। जबकि एनसीईआरटी और निजी प्रकाशन के पाठ्यक्रम की कीमतों में करीब चार से पांच गुना का अंतर है। अधिकांश कक्षाओं के लिए एनसीईआरटी की बामुश्किल 10 से 20 फीसदी किताबें ही मिल रही हैं। किताब विक्रेता ने बताया कि अधिकांश कक्षाओं की हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान की किताबें बेहद कम हैं। सरकारी अस्पतालों में बहुत से छात्र पुरानी किताबों से किसी तरह अपना शैक्षिक सत्र आगे बढ़ा रहे हैं।
डीआईओएस ज्योति दीक्षित- ने बताया की एनसीईआरटी की किताबों की उपलब्धता को लेकर गंभीरता बरती जा रही है। छात्रों को पुस्तकों की कमी से परेशानी नहीं होगी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।