हापुड़ में मच्छरों का आतंक अभी से बढ़ता नजर आ रहा है। इस साल मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए बीमारियों के फिर फैलने की संभावना है। मच्छरों के आतंक से लोग परेशान हैं। फॉगिंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
पिछले साल 100 से ज्यादा डेंगू और मलेरिया के मरीज मिले थे। बीते साल में सरकारी रिकार्ड में डेंगू के 105 एवं मलेरिया के 88 केस दर्ज किए गए थे।
शहर में गंदगी से होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है। मच्छरों के लिए नगर पालिका एवं स्वास्थ्य विभाग लाख दावा कर लें, लेकिन शहर में मच्छरों के पनपने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। जगह-जगह गंदगियों के ढेर है। शहर के एक बड़े क्षेत्र के लिए जलभराव स्थायी समस्या है। नालियों की नियमित एवं ठीक से सफाई नहीं होने के कारण गली-मोहल्लों एवं सड़कों पर जलभराव होता है। मलिन बस्तियों की स्थिति और खराब है। मच्छरों के पनपने का एक बड़ा कारण यह भी है।
संचारी रोग के नोडल डॉ. जेपी त्यागी का कहना है कि तापमान बढने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जनपद में मलेरिया एवं डेंगू के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं। इस बार एक अप्रैल से ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू होने की सूचना मिल रही है।
सभी पीएचसी एवं आशाओं को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया है। कि मच्छर को लेकर भी लोगों को जागरूक करें। मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, जीका वायरस, चिकनगुनिया आदि बीमारियां मच्छर के काटने से फैलती हैं।