हापुड़ में करीब 12 साल बाद जिले को स्थायी उप संभागीय (एआरटीओ) कार्यालय मिलने जा रहा है। अधिकारियों ने डीपीआर बनाकर शासन को भेजी है। 11 करोड़ रुपये से बहुमंजिला इमारत में आधुनिक एआरटीओ कार्यालय बनाया जाएगा। वहीं, सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है। अभी जमीन पर मिट्टी भराव की अनुमति समिति द्वारा दी गई है।
वर्तमान में मेरठ रोड पर एक किराए के भवन में एआरटीओ कार्यालय चल रहा है। छह कमरों में चल रहे कार्यालय में सुविधाएं सही प्रकार से नहीं मिल रही हैं। कार्यालय के अंदर फाइलों का भंडार लगा हुआ है। इस कारण कर्मचारियों को बैठने तक में असुविधा होती है। वहीं, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ट्रैक तक नहीं है। वाहनों की फिटनेस आदि भी सड़क किनारे की जाती है। यही कारण था कि लंबे समय से कार्यालय निर्माण की मांग चल रही थी।
कई बार जमीनों का चयन हुआ, लेकिन प्रस्ताव निरस्त हो रहे। लगभग एक साल पहले गांव दादरी में दो हेक्टेयर जमीन का चयन हुआ था। इस जमीन पर कार्यालय का निर्माण होना है। अब परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जमीन की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी है। बहुमंजिला इमारत में आधुनिक कार्यालय बनाया जाएगा। जहां ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ट्रैक भी होगा।
इस संबंध में डिप्टी कलक्टर अंकित वर्मा का कहना है कि वर्तमान में भूमि पर कुछ जगहों पर गड्ढे हैं। इनको भरने के लिए मिट्टी भराव की अनुमति चार अधिकारियों की कमेटी ने दी है। बजट जारी होने के बाद उसी फंड से मिट्टी भराव के कार्य की धनराशि काट ली जाएगी।