जनपद हापुड़ में दिल्ली रोड और रामपुर रोड बिजलीघर से जुड़े बुलंदशहर रोड के पांच फीडरों पर लाइनलॉस 25 फीसदी से पार पहुंच गया है जो गांवों से कहीं अधिक है। हर महीने करीब 20 लाख से ज्यादा की बिजली चोरी हो रही है। अब रिवैंप योजना में पहले ही चरण में चारों फीडरों को शामिल किया गया है, जिसकी निगरानी अब विजिलेंस को सौंपी गई है।
बुलंदशहर रोड की घनी आबादी वाले 25 से अधिक मोहल्लों में बिजली चोरी रोकने के प्रयास सफल नहीं हो रहे। क्योंकि इसमें ऊर्जा निगम के ही कुछ कर्मचारी मिले हुए हैं जो विजिलेंस या अन्य अधिकारियों की छापामारी से पहले ही मोहल्लों में सूचना दे देते हैं। यही कारण है कि छापामार कार्यवाही के दौरान एक दो उपभोक्ता ही पकड़े जाते हैं, जबकि फीडर पर लाइनलॉस देखे तो 25 फीसदी से ज्यादा चोरी आ रही है।
इन चारों फीडरों का एमडी कार्यालय से संज्ञान लिया गया है, फिलहाल इन मोहल्लों में नंगे तार या सामान्य इंसुलेटिड वायर हैं। जिनमें आसानी से कटिया डालकर चोरी हो जाती है। अब रिवैंप योजना में पहले ही चरण में चारों फीडरों को शामिल किया गया है।
रिवैंप योजना में सबसे पहले इन्हीं फीडरों पर काम प्रस्तावित है, जिसके तहत इन मोहल्लों में आर्मर्ड से लैस इंसुलेटिड वायर और अन्य उपकरण लगाए जाएंगे।
दिल्ली रोड और रामपुर रोड बिजलीघर से जुड़े बुलंदशहर रोड के पांच फीडरों पर लाइनलॉस की सबसे ज्यादा बिजली चोरी की धांधली हो रही है। उधर, इन फीडरों की निगरानी अब विजिलेंस को सौंप दी गई है। निगरानी के बाद कार्यवाही की जाएगी।
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार- ने बताया की बुलंदशहर रोड इलाके में सबसे अधिक लाइनलॉस आ रहा है। रिकैंप योजना के पहले ही चरण में इस क्षेत्र को शामिल किया गया है। साथ ही इस क्षेत्र में निरीक्षण भी बढ़ाया गया है। बिजली चोरी रोकने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।