जनपद हापुड़ मे एसडीएम सदर सुनीता सिंह ने लेखपाल की वीडियो और ऑडियो वायरल होने और रिश्वत के आरोप में लेखपाल योगेंद्र को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जाच तहसीलदार न्यायिक को सौंपी गई है। निलंबन काल के दौरान लेखपाल को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव लुखराड़ा निवासी दीपचंद ने आरोप लगाया था कि उसने गांव शेखपुर में जमीन का बैनामा कराया था। खरीदी गई जमीन पर किसी बात को लेकर विवाद है। इसके लिए दीपचंद ने जमीन की पैमाइश कराने के लिए नगर तहसील में तैनात लेखपाल से संपर्क किया। जिसके बाद लेखपाल ने जमीन पर कब्जा दिलाने की बात कहते हुए अपने एक निजी सहायक से उसकी मुलाकात कराई। जिसके बाद निजी सहायक ने उससे रिश्वत की मांग की गई, जो उसे दे दिए गए।
लेकिन दीपचंद ने रुपये देते हुए गुपचुप तरीके से वीडियो बना लिया था। दीपचंद ने मामले की शिकायत करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया। इसके अलावा एक ऑडियो भी वायरल हुआ है। जिसमें निजी सहायक और दीपचंद के बीच बातचीत हो रही है। निजी सहायक रिश्वत लेने की शिकायत कानूनगो से करने की बात पर दीपचंद को धमकाते हुए जाति विशेष के लिए अपशब्द का प्रयोग कर रहा है।
एसडीएम सुनीता सिंह ने बताया कि इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार सदर ने प्रारंभिक जांच कर अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपी थी। रिपोर्ट पर लेखपाल योगेंद्र को निलंबित कर दिया। निलंबन काल के दौरान लेखपाल को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है। इस प्रकार की कार्यशैली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।