खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में सरकारी अस्पताल की सुविधा नहीं हो सकी है। खादर के ग्रामीणों को मजबूरी में करीब दस किलोमीटर दूर का सफर तय कर गढ़ शहर में स्थित सीएचसी में आना पड़ता है। इसके लिए खादर के गांवों में सरकारी अस्पताल बनवाने की मांग की है।
खादर क्षेत्र के गांव मुकीमपुर, भगवंतपुर, नयाबांस, अब्दुल्लापुर, चक लठीरा, गड़ावली, काकाठेर, कुदैनी की मढैया, शाकरपुर में एक भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। जबकि अधिकांश गांवों में आयुष्मान योजना में आरोग्य केंद्र स्थापित किए गए थे। लेकिन गढ़ खादर क्षेत्र के गांवों को इस योजना से दूर रखा गया। जिसके चलते इन गांवों में किसी भी तरह का हेल्थ सेंटर स्थापित नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मौसम परिवर्तन समेत अन्य कारणों से होने वाली बीमारियों का उपचार कराने के लिए गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर सफर कर गढ़ में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाना पड़ता है। जबकि खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए अस्पताल होना चाहिए। जिसमें लोग रक्त जांच, एक्स रे, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए। जिससे गरीब मजदूर परिवारों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाभ मिल सके।
सतनाम सिंह ने कहा कि खादर क्षेत्र के लोगों को मजबूरी में गढ़ आना पड़ता है। काफी समय आने जाने में ही लग जाता है। जिससे खादर क्षेत्र के गांवों वालो को आने जाने में काफी परेशानिया होती है। शासन स्तर से खादर क्षेत्र में एक अस्पताल तैयार होना चाहिए। हर्ष सोलंकी ने कहा कि खादर क्षेत्र में अस्पताल की सुविधा न होने के चलते गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खादर में अस्पताल की सुविधा होने से गर्भवती महिलाओं को भी समस्या से निजात मिलेगी।
विधायक हरेंद्र तेवतिया ने कहा कि खादर क्षेत्र में अस्पताल की सुविधा के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।