हापुड़ में गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। अब धूप बर्दास्त नहीं हो रही है। तापमान में वृद्धि के साथ ही बुखार और डायरिया के शिकार हो रहे हैं। अस्पताल में ऐसे मरीजों की लाइन लंबी हो रही है। सोमवार को सीएचसी में 1923 मरीज आए, जिनमें अधिकांश पेट दर्द, सिर दर्द, डायरिया और बुखार से पीड़ित थे। सभी चिकित्सकों की ओपीडी फुल रही, आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या भी गंभीर हो रही है।
सीएचसी के फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) से परेशानी होने लगी है। सोमवार को सीएचसी की ओपीडी 1923 रही। इनमें पेट के 172, दस्त के 98, डिहाइड्रेसन के 112, बुखार के 321, खांसी के 130, जुखाम के 70 मरीज शामिल रहे। उनकी ओपीडी में हर दिन 40 से 50 से अधिक मरीज ऐसे ही आ रहे हैं। ऐसे मरीजों में डिहाइड्रेशन की वजह से हाथ-पैर में ऐंठन व दर्द की परेशानी है। यह स्थिति पिछले एक सप्ताह से बनी है।
ऐसे मरीजों को सलाह है कि घर से खाली पेट न निकलें। धूप के सीधे संपर्क में आने से बचें। अधिक तली-भुनी चीजों का प्रयोग न करें। शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाए, इसलिए कुछ देर में तरल पदार्थ जरूर लेते रहें। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप मित्तल ने बताया कि धूप तेज होने लोगों को परेशानी होती है। गर्मी में पसीना निकलता है और पानी की कमी हो जाती है। लिहाजा इससे बचने के लिए खूब पानी पिएं, धूप में ना निकले और जरा भी दिक्कत होने पर अस्पताल में ही जाकर इलाज कराएं।