हापुड़ में शादियों के सीजन में डीजे का धमाल बच्चों और बुजुर्गों के लिए आफत बन रहा है। तेज आवाज और कंपन के साथ धमक वाला डीजे बुजुर्गों और बच्चों को बीमार कर रहा है। कमजोर दिल वाले इसके कारण अस्पताल पहुंच रहे हैं। लगातार पुलिस को इस संबंध में शिकायतें भी मिल रही हैं, लेकिन कार्यवाही नहीं हो रही है। चिकित्सकों की माने तो हाल ही में इस प्रकार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
शादी समारोह, धार्मिक आयोजनों और जुलूस में कुछ उत्साही युवा डीजे की तेज आवाज पर नाचते-झूमते और शोर मचाते जाते हैं। फिलहाल शादी समारोहों के दौरान बैंड बाजों पर तेज धमक वाले डीजे हावी हो गए हैं। डीजे के साथ आतिशबाजी भी खूब हो रही है। लेकिन डीजे की तेज धमक बच्चों और बुजुर्गों की धड़कनें बढ़ा रही है। बुजुर्ग और दिल के मरीज इसकी आवाज से बेचैन हो रहे हैं। ज्यादा देर तक तेज आवाज से उन्हें घबराहट होने लगती है।
लोगों का कहना है कि तेज धमक से बीमार, बुजुर्ग ही नहीं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं की भी बेचैनी बढ़ जाती है। चिकित्सक जीवोत्तम नारंग ने बताया कि वर्तमान में दिल की समस्याएं बढ़ी हैं, ऐसे में डीजे की धमक कमजोर दिल वालों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। पिछले कुछ दिनों में उनकी ओपीडी में इस प्रकार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
एएसपी विनीत भटनागर- ने बताया की इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए जाएंगें। ऐसी शिकायतों पर भी त्वरित कार्यवाही की जाएगी। इसके संबंध में लोगों को भी जागरूक किया जाएगा।