हापुड़ जिले में कुष्ठ के मरीज मिल रहे हैं, हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने 1415 टीमें लगाकर करीब 1577016 लोगों की जांच कराई। इसमें 702 मरीजों में कुष्ठ के लक्षण मिले हैं, लैब में जांच के दौरान 15 मरीजों में अब तक पुष्टि हो चुकी है। इन मरीजों का उपचार शुरू किया गया है।
टीबी की तर्ज पर ही कुष्ठ को भी खत्म करने की पहल शुरू हो चुकी है। इस रोग का दवाओं से इलाज संभव है, लेकिन समय से उपचार नहीं मिलने के कारण धीरे धीरे मरीज के अंग नष्ट होने शुरू हो जाते हैं। शासन के आदेश पर कुष्ठ को लेकर जिलेभर में जांच कराई गई।
नोडल अधिकारी डॉ. प्रेरणा श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए 1415 टीम, 269 सुपरवाइजर लगाए गए। 1415 टीमों ने घर-घर जाकर लक्षण के आधार पर मरीज चिन्हित किए, घर घर जाकर टीमों ने 1577016 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 702 मरीजों में कुष्ठ के लक्षण मिले, इन्हें संदिग्ध मानकर सैंपलिंग कराई गई। संदिग्धों के नमूनों की अभी सैंपलिंग जारी है, अभी तक 15 मरीजों में पुष्टि हो चुकी है। इन मरीजों की निगरानी कर, उपचार शुरू किया गया है।
कुष्ठ रोग के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर जाकर सर्वे शुरू किया गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे कुष्ठ रोग के किसी भी लक्षण को बताने में संकोच ना करें। यह बीमारी पूरी तरह से खत्म होने वाली बीमारी है।
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी- ने बताया की कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है, दवाओं से इसका इलाज संभव है। लक्षण महसूस होने पर मरीज सरकारी अस्पताल पहुंचे। जांच की निशुल्क सुविधा है, मरीजों को निशुल्क दवाएं और उपचार भी दिया जा रहा है।