हापुड़ में कड़ाके ही सर्दी और कोहरा जल्द ही लोगों को सताने लगेगा। लेकिन रोडवेज की अधिकांश बसों की खिड़कियों से शीशे भी गायब हैं। ऐसे में सफर कर रहे यात्रियों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। वहीं बसों में फॉग लाइट भी नहीं है, ऐसे में कोहरे में बस चालकों को काफी दिक्कते आ रही हैं, हादसे का भी खतरा बना हुआ है।
हापुड़ डिपो में करीब 150 बसें विभिन्न रूटों पर संचालित हैं। इनमें कुछ बसों की हालत सही है, लेकिन कुछ जर्जर हालत में हैं। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री हापुड़ डिपो की बसों में सफर करते हैं। अब आगामी दिनों में कड़ाके ही ठंड और कोहरा लोगों को सताएगा, लेकिन अभी भी इन बसों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। रोडवेज बसों में अभी तक न तो फॉग लाइट ही लगी हैं और न ही सर्द हवाएं रोकने के लिए खिड़कियां ही दुरुस्त की गई हैं।
हालांकि सर्दी शुरू होने से पहले ही बसों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो जाती है। इसके तहत बसों में कोहरे के लिए फॉग लाइट, खिड़की, दरवाजों के साथ शीशे दुरुस्त कराए जाते हैं, जिससे सफर के दौरान यात्रियों को सर्द हवा से बचाया जा सके। अभी भी स्थिति यह है कि बसों में न तो अभी तक फॉग लाइट लगी है और न ही खिड़की, दरवाजे ठीक कर उनमें शीशे लगवाए गए हैं। रोडवेज की अधिकांश बसों के शीशे और खिड़कियां दुरुस्त नहीं हुई हैं। टूटे शीशों को रस्सियों से बांधा गया है।
एआरएम संदीप नायक- ने बताया की सर्दियों को देखते हुए बसों के शीशों को दुरुस्त कराया जा रहा है, यदि कोई बस रह गई है उसमें शीशों को ठीक कराया जाएगा। कोहरे के लिए बसों को फॉग लाइटों से भी लैस कराया जा रहा है।