जनपद हापुड़ में एतिहासिक गढ़ गंगा कार्तिक मेले में इस बार पहली बार घोड़ा खच्चर मेला नहीं लगेगा। लंपी की बीमारी के कारण जिला प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इस निर्णय मेले की आय पर फर्क पड़ेगा। अब एक बार फिर एक करोड़ रुपये की स्वीकृति के लिए डीएम की ओर से पत्र भेजा गया है।
जिला पंचायत सभागार में गढ़ गंगा मेला की तैयारियों के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों ने इसकी रूप रेखा तैयार की। मुख्य स्नान पर्व दिनांक आठ नवंबर को होगा। अपर मुख्य अधिकारी आरती मिश्रा ने बताया कि मेले के आयोजन के लिए शासन से 2 करोड़ 42 लाख रुपये अनुदान की मांग की गई थी।
जबकि शासन से 1.30 करोड़ के अनुदान की स्वीकृति मिलेगी। जिला पंचायत की ओर से 1.50 करोड़ रुपये के टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। लंपी को देखते हुए पशु मेले पर पाबंदी जरूर रहेगी, लेकिन मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर ने की। जिसमें प्रमोद नागर, मेला कमेटी के सदस्य रविंद्र सिंह, सुनीता लोधी, पूजा बंसल, सतीश प्रधान, फरहाना, सुमित सिसौदिया आदि ने भाग लिया।