हापुड़ में झूठी शान के लिए असरा (18) की हत्या उसके दो चाचा ने मिलकर की थी। प्रेमी से फोन पर बात करते देख चाचा माजिद और जावेद आगबबूला हो गए। इसके बाद पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। बीच बचाव करने आए उसके भाई अर्सलान को भी पीटा। वह किसी तरह चंगुल से बचकर भाग निकला था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गोपीपुरा में शनिवार दोपहर असरा की मौत हो गई थी। बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में उसका शव मिला था। उसकी दादी सलमा ने असरा के भाई अर्सलान उर्फ बंटी और मामा पर हत्या करने की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। जबकि अर्सलान अपने चाचा माजिद और जावेद पर हत्या का आरोप लगा रहा था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि असरा का कुछ दिन पहले मेरठ के एक युवक से प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ था। इसकी जानकारी अर्सलान व उसकी मां फातिमा को भी थी। फातिमा व अर्सलान दोनों असरा का निकाह उसके प्रेमी से कराना चाहते थे। दोनों चाचा असरा का निकाह अपनी मर्जी से कराना चाहते थे।
शनिवार दोपहर असरा मोबाइल पर प्रेमी से बात कर रही थी। यह देख चाचा माजिद और जावेद आगबबूला हो गए। दोनों ने असरा का फोन छीनकर तोड़ दिया। इसके बाद असरा को बेरहमी से पीटा। बीचबचाव करने आए भाई अर्सलान को भी पीटा। घबराकर वह जान बचाकर भाग निकला।
असरा को पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पिटाई के दौरान असरा की चोट लगने के साथ गर्दन की हड्डी टूटने से असरा की जान गई थी।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हो गया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की। दरअसल, आरोपियों ने पुलिस को बरगलाने का प्रयास किया।
पुलिस सही से जांच नहीं करती तो निर्दोष भाई हत्या के आरोप में जेल जा सकता था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि असरा की मौत के बाद आरोपियों ने आत्महत्या दर्शाने के लिए रस्सी से उसके गले पर निशान बनाने का प्रयास किया था। बताया गया था कि बाथरूम में असरा ने फांसी लगा ली। पुलिस ने जांच की तो उसे बाथरूम में लटकने का ऐसा कोई साधन दिखाई नहीं दिया। इसके अलावा आरोपी अपने बयान भी बार बार बदल रहे थे। जिसके कारण पुलिस को सफलता मिली और मामले का खुलासा हो गया।