जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में टमाटर की खेती करने वाले किसान इन दिनों परेशान हैं। गर्मी का असर आम जनमानस के साथ-साथ फसलों पर भी पड़ रहा है। विशेषकर टमाटर की फसल पर बुरा असर पड़ा है। तापमान अधिक होने से टमाटर समय से पहले पक रहा है। समय रहते तुड़ाई न होने से टमाटर सड़ने भी लगा है। ऐसे में किसान चिंतित हैं और पौधे से खराब टमाटर को तोडकर फेंकने को मजबूर हैं। थोक में टमाटर के दाम पांच से सात रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने जहां लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। वहीं सब्जियों को इससे नुकसान होने लगा है। बढ़ते तापमान से फसलों पर गर्मी की मार पड़ रही हैं। भीषण गर्मी के बीच तापमान में बढ़ोतरी के कारण मंडी में टमाटर की आवक बढ़ गई है। इससे टमाटर का भाव मंडी में काफी कम हो गया है।
15 दिन पहले तक टमाटर के दाम थोक में 10 से 15 रुपये किलो थे। 25 किलो की क्रेट 300 रुपये तक बिक रही थी। जबकि फुटकर में 20 से 25 रुपये किलो बिक्री हो रही थी। लेकिन खेतों में पौधों पर ही टमाटर सड़ने से हालत बिगड़ गए हैं। पांच से सात रुपये किलो के हिसाब से ही आढ़ती टमाटर खरीद रहे हैं। इससे किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। वहीं फुटकर में टमाटर 10 से 15 रुपये किलो बिक रहा है।
क्षेत्र में लठीरा, नयाबांस, चक मर्दैसा समेत कई गांवों में टमाटर की खेती होती है। किसानों का कहना है कि 15 दिन पहले तक 20 से 25 रुपये प्रति किलो के भाव में टमाटर बिक रहा था, लेकिन तापमान बढ़ने से टमाटर जल्द पक रहा है। पका टमाटर अधिक समय तक रोका नहीं जा सकता। किसान रवि कुमार, देवेंद्र सिंह, हरि ओम ने बताया कि टमाटर की फसल में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। गर्मी के चलते मुश्किल बढ़ गई है।