हापुड़ जिले का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार को दिनभर स्मॉग छाए रहने के कारण सूरज के दर्शन नहीं हुए। देर रात 10 बजे एक्यूआई 457 तक पहुंच गया। ऐसे में स्वस्थ लोग भी परेशान दिखे। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने जनपद में ग्रैप का चौथा चरण लागू कर दिया। हालांकि इसकी पाबंदियां शहर में नजर नहीं आईं और जिम्मेदार मात्र कागजों में ही प्रदूषण को नियंत्रण करने के कदम उठाते नजर आए।
शहर की हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। प्रदूषण मापक यंत्र दिल्ली रोड स्थित आनंद विहार में लगा हुआ है। इस क्षेत्र में हरियाली बहुत अधिक है। इसके बाद भी यहां लगे यंत्र में एक्यूआई शाम पांच बजे तक 431 दर्ज हुआ, जो लगातार बढ़ रहा था। अधिकारियों ने आंकड़ों में हेरफेर करने के लिए इस क्षेत्र में पानी का छिड़काव कई बार कराया, लेकिन इसके बाद भी दिनभर एक्यूआई बढ़ता गया।
हवा में प्रदूषण का जहर लगातार बढ़ रहा है। लोग गैस चैंबर में सांस लेने को मजबूर है। सोमवार सुबह शहर धुंध की चादर में लिपटा हुआ नजर आया। सोमवार देर रात एक्यूआई 457 पर पहुंच गया। ज्यादातर लोगों ने मॉस्क लगाकर बाहर निकलना बेहतर समझा। सुबह और शाम को बुजुर्ग पार्कों में नहीं पहुंचे। वहीं, सड़कों पर जलता कूड़ा और खुले में पड़ी निर्माण सामग्री को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
जिले में प्रदूषण की स्थिति करीब तीन साल बाद इतनी गंभीर हुई है। 400 अंक तक एक्यूआई दर्ज होने पर इसे बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। इससे ज्यादा अंक होने पर गंभीर दशा में रखा जाता है। तीन साल बाद इस प्रकार से प्रदूषण बढ़ने का अर्थ साफ है कि भविष्य में कठोर कदम न उठाने से दिक्कतें बढ़ेंगी। वहीं इस स्थिति से स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को चिंता सताने लगी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आरओ विकास- ने बताया की जिले में ग्रैप के चौथे चरण को लागू कर दिया गया है। जिला प्रशासन को नियमों का पालन कराने के लिए संबंधित आदेश भेज दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे।