हापुड़ जिले में मरीज विजुअल हैलुसिनेशन (दृश्य मतिभ्रम) की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे मरीजों की आंखों के सामने एक परछाई बनती है जो उन्हें भयभीत करती है। चिकित्सकों का दावा है कि यह दिमागी बीमारी है, जिसे दवाओं से ठीक किया जा सकता है।
सीएचसी की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. हनिफा ने बताया कि विजुअल हैलुसिनेशन एक बीमारी है, जो दिमाग से जुड़ी है। यह बीमारी दिमागी बीमारी के कारण होती है। इसकी चपेट में आने से मरीज खुद ही भयभीत होता रहता है। आत्महत्या तक के कदम उठाता है। उन्होंने बताया कि सीएचसी में ऐसे मरीजों को लेकर आने वाले परिजन काफी दिनों तक झाड़ फूंक में भी लगे रहते हैं। जिससे मरीज की स्थिति और खराब हो जाती है।
उन्होंने बताया कि ऐसे मरीजों को ऐसा लगता है जैसे कोई उनके सामने खड़ा हो, सोने के दौरान ही नहीं दिन में जागते समय भी उन्हें इस तरह की छवि दिखायी देती है। अस्पताल में इस तरह के 15 से अधिक मरीजों की काउंसलिंग और इलाज चल रहा है। काउंसिलिंग में मरीजों ने बताया कि कई बार आत्महत्या का भी प्रयास कर चुके हैं।
मतिभ्रम संवेदी अनुभव हैं जो वास्तविक लगते हैं लेकिन आपके दिमाग द्वारा बनाए जाते हैं। वे सभी पांचों इंद्रियों को प्रभावित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आपको एक ऐसी आवाज सुनाई दे सकती है जिसे कमरे में कोई और नहीं सुन सकता है, या आप एक ऐसी छवि देख सकते हैं जो वास्तविक नहीं है।
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. हनिफा- का कहना है की जिन मरीजों को इस तरह की परेशानी होती है, वह घबराए नहीं। मन में सकारात्मकता बनाकर रखें, दवाओं से बीमारी आसानी से ठीक हो जाती है। कुछ महीने तक दवाओं का कोर्स करना होता है।