हापुड़ में तापमान गिरने से हृदय रोगियों को रक्तचाप का उतार चढ़ाव परेशान करने लगा है। प्रतिदिन ओपीडी में 40 से 50 मरीज पहुंच रहे हैं, जो सामान्य दिनों से डेढ़ गुना है। इसके साथ ही रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं वाले मरीज भी दो गुना तक बढ़ गए हैं। बुखार, त्वचा रोग और खांसी, जुकाम बच्चों को परेशान कर रहे हैं। इस मौसम में विशेष सावधानी बरती चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, फिर भी गरीब तबके के बहुत से मरीज उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में आ रहे हैं। फिजिशियन डॉ. प्रदीप मित्तल का कहना है कि ठंड का ज्यादा असर दिल पर पड़ता है। इस बार ठंड शुरू होने के साथ ही दिल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में पहुंचे बुखार व खांसी के साथ हृदय व बीपी रोगियों का उपचार करते हुए बचाव की सलाह दी।
ठंड का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि सर्दी में ऑक्सीजन की कमी रहती है, जिससे रक्त वाहिका संकरी हो जाती हैं और दिल के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। सर्दी के कारण ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की नसें सिकुड़ रहीं है।
ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो दिल के रोगियों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है उन्हें इस मौसम में विशेष सावधानी बरती चाहिए।