बिजली चोरी में पकड़े जाने वाले उपभोक्ताओं को जारी किया फर्जी नोटिस, मिले घोटाले के साक्ष्य
जनपद हापुड़ के बिजली चोरी में पकड़े जाने वाले उपभोक्ताओं को फर्जी नोटिस जारी कर, ऊर्जा निगम के अधिकारी जुर्माना से कई गुना अवैध वसूली कर रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है, वास्तविकराजस्व और नोटिस में जुर्माना राशि के बीच पांच से 08 गुना तक का अंतर मिला है।
इस नोटिस के जरिए उपभोक्ता को जुर्माना राशि से अवगत कराना होता है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए शासन से जुर्माना राशि को तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश हैं।
विजिलेंस द्वारा ऐसे ही कई नोटिस साक्ष्यों सहित पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) को भेजे गए हैं। मामले की जांच की जा रही है, कर्मचारियों से लेकर कई उच्च अधिकारी भी इस घपले में शामिल हैं।
बिजली की चोरी पकड़े जाने पर समन शुल्क और राजस्व निर्धारण धनराशि उपभोक्ताओं से वसूली जाती है। कार्यवाही चाहे विजिलेंस करे या निगम की टीम, एफआईआर के बाद उपभोक्ता को प्रपत्र- 4 भेजा जाता है,
लेकिन डिवीजन कार्यालयों में इस पटल का कार्य देखने वाले कर्मचारी और अधिकारी प्रपत्र 4 में ही फर्जीवाड़ा कर रहे हैं, गढ़ डिवीजन के करीब 10 प्रपत्र सामने आए हैं, जिनमें राजस्व निर्धारण की धनराशि वास्तविक राशि से कई गुना अधिक दर्शायी गई है।
इस घपलेबाजी का खुलासा तब न हुआ जब इन नोटिसों का मिलान पोर्टल पर दर्ज राजस्व निर्धारण शुल्क से किया गया। अब मामला शासन तक पहुंच गया है, कर्मचारियों सहित कई अधिकारी भी रडार पर हैं।
अधीक्षण अभियंता-यूके सिंह ने बताया कि प्रपत्र-4 में अनियमितता गंभीर मामला है, इसकी गहनता से जांच कर सख्त कार्यवाही की जाएगी। दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा, तीनों डिवीजन कार्यालयों से जारी किए नोटिसों का सत्यापन कराएंगे।