जनपद हापुड़ के पिलखुवा में गंदगी के अटे पड़े शहर के नाले नगर पालिका अधिकारियों के सफाई के दावों की पोल खोल रहे हैं। पालिका सफाई कर्मियों द्वारा धरातल पर सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। गंदगी के अटे नाले जहां स्वच्छ भारत मिशन अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नालों में गंदगी का अंबार लगा पड़ा है। सिल्ट व पॉलीथीन जमा होने के कारण नाले ऊपर तक उफन रहे हैं। वहीं, मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोगों को बीमारी का डर सता रहा है।
नगर पालिका परिषद सीमा के अंतर्गत छोटे-बड़े मिलाकर डेढ़ दर्जन से अधिक नाले आते हैं। पालिका में नगर एवं नालों की साफ-सफाई के लिए ढ़ाई सौ से अधिक सफाई कर्मियों की फौज है। जिस पर करीब 60 लाख लाख रुपये प्रति माह खर्च होता है। लाखो खर्च करने के बाद भी शहर के नाले नालियों के हालात जस के तस बने हुए हैं। पालिका अभिलेखों में शहर की सफाई व्यवस्था दुरूस्त है लेकिन, धरातल पर कुछ और ही दिख रहा है। अधिकारियों के साफ-सफाई के दावों की शहर की चंडी रोड, इस्लाम नगर और मंडी तिराहा स्थित नालों में एकत्र गंदगी पोल खोल रही है। हल्की सी बूंदाबांदी होते ही नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं, और सड़कों पर दूषित पानी भर जाता है। शहर तालाब में तब्दील हो जाता है।
पालिकाध्यक्ष विभु बंसल का कहना है कि सभी नालों की साफ-सफाई के आदेश सफाई कर्मियों को दिए हैं। बरसात आने से पहले सभी नालों की सफाई करा दी जाएगी। जिन नालों की अब तक सफाई नहीं हुई है, संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।