जनपद हापुड़ में जिला न्यायालय के लिए जिला प्रशासन को अब एचपीडीए की महंगी जमीन की आवश्यकता नहीं होगी। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की महंगी जमीन नहीं खरीदनी पड़ेगी। जिला प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों में दिल्ली रोड के आसपास चार गांवों में जमीन का निरीक्षण किया था। इनमें से गांव अच्छेजा और सबली में जिला प्रशासन को उपयुक्त और सस्ती जमीन मिल गई है।
हापुड़ जिला न्यायलय निर्माण की कवायद पिछले कई सालों से चल रही है। एचपीडीए (हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण) की आनन्द विहार आवासीय योजना में जिला न्यायालय भवन और कालोनी के लिए जमीन चिन्हित की गई थी। जमीन का भुगतान करने के लिए शासन से 281 करोड़ रुपये निर्धारित किए थे।
एचपीडीए और न्याय विभाग के बीच हुए अनुबंध के अनुसार प्राधिकरण न्याय विभाग को जिला न्यायालय भवन के लिए 28 एकड़ और न्यायिक अधिकारियों की आवासीय कालोनी के लिए 15 एकड़ जमीन देना तय हुआ था।
इस भूमि की कीमत का भुगतान 281 करोड़ रुपये प्राधिकरण को दिया जाना था। पिछले कुछ माह में जिला प्रशासन की जमीन को ही खरीदने की तैयारी कर रहा था। लेकिन शासन से इस संबंध में एक बार फिर मौखिक निर्देश आए।
अब हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की महंगी जमीन नहीं खरीदनी पड़ेगी। इनमें से गांव अच्छेजा और सबली में जिला प्रशासन को उपयुक्त और सस्ती जमीन मिल गई है।
न्यायिक अधिकारियों ने भी इस जमीन कर निरीक्षण कर यहां न्यायालय निर्माण कराने परसहमति जताई है। इसके इन स्थानों में से किसी एक स्थान को चिन्हित कर प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी है।