हापुड़ में तापमान बढ़ने के साथ ही मार्च में बिजली की मांग भी बढ़ जाएगी। ऐसे में ऊर्जा निगम के अधिरारियों ने 1.80 करोड़ यूनिट की अतिरिक्त मांग कंट्रोल रूम को भेज दी है। वहीं, लाइनलॉस वाले फीडरों पर बिजली चोरी रोकना चुनौती बना हुआ है। बिजली की मांग बढ़ने का यह भी प्रमुख कारण है। ऐसे में इस महीने तीनों डिवीजन में 1.20 करोड़ यूनिट तक खपत पहुंचने के आसार हैं।
अक्तूबर से फरवरी तक जिले में बिजली की मांग प्रति महीना 90 लाख यूनिट से 1.05 करोड़ यूनिट तक रही है। जबकि गर्मियों में यह बढ़कर डेढ़ गुना तक पहुंच जाती है। मार्च में ही तापमान 30 डिग्री के करीब पहुंच गया है, ऐसे में तीनों डिवीजनों से करीब 1.80 करोड़ यूनिड की डिमांड भेजी गई है, हापुड़ डिवीजन की बात करें तो फरवरी महीने में डिमांड 34 मिलियन यूनिट की थी, लेकिन मार्च महीने में यह 40 मिलियन यूनिट पहुंच जाएगी। मार्च महीने में खपत बढ़ने के आसार हैं। जिसके अनुसार सप्लाई भी उपलब्ध होगी।
बिजलीघर पर तैनात एसएसओ ओर लाइनमैनों को सतर्क कर दिया गया है। लाइनलॉस कम करने के साथ ही निर्बाध सप्लाई रखने की इन्हें जिम्मेदारी दी गई है। फाल्ट की सूचना पर तत्काल टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के तीनों डिवीजन में 12 से अधिक फीडर पर लाइनलॉस करीब 25 फीसदी है। ऐसे में एक चौथाई यूनिट चोरी में ही उड़ जाती हैं, जिसका निगम को कोई राजस्व नहीं मिलता। हालांकि अब अधिक लाइनलॉस वाले फीडरों को विजिलेंस की निगरानी में दिया गया है।
अधिशासी अभियंता आदित्य भूषण भारती- ने बताया की जिले को भरपूर सप्लाई मिलेगी, मार्च महीने में खपत बढ़ने के आसार हैं। बिजलीघरों के स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया है।